‘उद्योग के लिए दस्तावेजों का आदान-प्रदान जरूरी है। एक अधिकार प्राप्त समूह पहले ही गृह मंत्रालय से इसकी सिफारिश कर चुका है।’ इसके अलावा वाणिज्य मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को सुझाव दिया है कि निर्यात गतिविधियों से जुड़े कारखानों को न्यूनतम श्रमबल के साथ काम करने की अनुमति दी जाए। निर्यातकों के प्रमुख संगठन फियो और सभी निर्यात संवर्द्धन परिषदों ने पीयूष गोयल के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंस में ये मुद्दा उठाया था।
कूरियर कंपनियों को इजाजत देने की मांग फार्मा सेक्टर द्वारा भी उठाई जा चुकी है। कंपनियों का कहना है कि पैकेजिंग के समान के अभाव में दवाइयां मार्केट तक पहुंचाना मुश्किल है ऐसे में देश में दवाओं की किल्लत हो सकती है।
फियो के अध्यक्ष एस सर्राफ का कहना है कि, ‘सरकार को कारखानों को कम से कम 50 प्रतिशत श्रमबल के साथ खोलने की अनुमति देनी चाहिए। हम सभी सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करेंगे। यदि हमारा परिचालन बंद रहता है तो निर्यात बुरी तरह प्रभावित होगा।’