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लॉकडाउन में फंसे श्रमिकों से वसूला गया दोगुना किराया , बोले किसी ने नहीं दिया सहारा

लॉकडाउन के चलते फसें श्रमिकों को लेकर पहले दिन आई है ट्रेन

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Workers trapped in lockdown were charged double the train fare

लॉकडाउन में फंसे श्रमिकों से वसूला गया दोगुना किराया , बोले किसी ने नहीं दिया सहारा

प्रयागराज। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन है। जिसकी वजह से श्रमिकों के सामने रोजी -रोटी का बड़ा संकट आ गया है। लॉकडाउन के चलते जब सभी यातायात सेवाएं बंद कर दी गई थी। लाखों श्रमिक पैदल ही अपने घरों की ओर निकल पड़े। ऐसे में योगी सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों को वापस लाने की मुहिम शुरू की। जिसके तहत पहले श्रमिकों को बसों से उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। वहीं दुसरे राज्यों में फसें श्रमिकों को श्रमिक एक्सप्रेस चलाकर गंतव्य तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। श्रमिक स्पेशल ट्रेन प्रयागराज जंक्शन पहुंची जहां यात्रियों के चेहरे पर घर आने की ख़ुशी थी वहीं लॉकडाउन में तकलीफों का दर्द भी साफ़ देखने को मिला । यात्रियों ने दोगुना किराया चुका कर अपने शहर सफर तय किया है ।


श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन कराते हुए श्रमिकों को बैठाया गया था। 5 मई को गाड़ी संख्या 09315 सूरत से 14 :30 बजे चल कर 6 मई को सुबह 7: 30 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंचना था। हालांकि ट्रेन तीन घंटे बिलंब से प्रयागराज स्टेशन पर पहुंची। सूरत से प्रयागराज आने वाली श्रमिक एक्सप्रेस में 14 सिलीपर 4 जनरल और दो एसएलआर सहित कुल 24 कोच लगे हुए थे। आपको बता दें कि देश के अलग.अलग राज्यों से चल कर कुल 4 ट्रेनें प्रयागराज पहुंचेंगी। ट्रेनों में श्रमिकों के लिए खाने पीने की पूरी व्यवस्था निशुल्क की गई थी। लेकिन सूरत से आयें एक श्रमिक ने कहा की कंपनी के मालिक ने पैसा नही दिया । खाने को कुछ नही मिलता था । 500 का टिकट एक हजार रूपये में मिला है । फिर भी घर आने की ख़ुशी है । सफर के दौरान किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई ।


सरकार के तमाम दावों के बावजूद यात्रियों से 500 से लेकर 1000 तक किराया लिया गया है। वहीं कुछ यात्री निशुल्क यात्रा भी किए हैं।दूसरे राज्यों में फंसे बड़ी संख्या में मजदूर जब प्रयागराज आए तो सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग क़ी लगभग 20 टीमों को लगाकर उनकी थर्मल स्कैनिंग कराई गई। कुंभ मेला के समय बने प्रयागराज जंक्शन पर आश्रय स्थल में ही फिलहाल मजदूरों को रखा गया है और यहीं पर मजदूरों को खाने.पीने का सामान भी जिला प्रशासन मुहैया करवाया जायेगा। जांच के दौरान संदिग्ध मरीजों को प्रयागराज में ही क्वारन्टाइन किया जाएगा। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सभी मजदूरों को रोडवेज बसों द्वारा उनके गंतव्य को भेज दिया जाएगा।