मुकदमे की पोषणीयता पर दलील पूरी करेगा प्रतिवादी पक्ष सोमवार को जिला जज की अदालत में शृंगार गौरी के मूल वाद की पोषणीयता (मेरिट) पर प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता अपनी दलील पूरी करेंगे। बता दें कि जिला जज की अदालत में वाद की पोषणीयता पर 26 मई को सुनवाई शुरू हुई, पहले दिन प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता अभयनाथ यादव ने लगातार दो घंटे तक अपना पक्ष रखा। लेकिन दलील पूरी नहीं हो सकी। इस पर कोर्ट ने 30 मई की तिथि तय की थी। अब सोमवार को प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता अपनी दलील पूरी करेंगे। साथ ही जिला जज की अदालत ज्ञानवापी परिसर के सर्वे से संबंधित वीडियो फुटेज, फोटोग्राफ आदि पक्षकारों को सौंप सकती है।
केस की मेरिट पर आ सकता है फैसला
बता दें कि गत 18 अगस्त 2021 को दिल्ली की राखी सिंह सहित पांच महिलाओं ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में याचिका दायर कर ज्ञानवापी परिसर स्थित शृंगार गौरी सहित अन्य विग्रहों के पूजन के अधिकार की मांग की थी। अदालत के आदेश पर ज्ञानवापी परिसर में कोर्ट कमीशन की कार्यवाही हो चुकी है। सर्वे रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी जा चुकी है। इस कार्यवाही के विरोध में मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट गया और मूल वाद की पोषणीयता पर सुनवाई और सर्वे की कार्यवाही रोकने की मांग की थी। इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने पूरा मामला सिविल कोर्ट से जिला जज की अदालत को सौंप दिया था। अब आज जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में प्रतिवादी अपनी दलील पूरी करेंगे। इसके साथ ही उम्मीद जताई जा रही है वाद की मेरिट पर आज फैसला आ सकता है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में ज्ञानवापी परिसर में पूजा की इजाजत व परिसर हिंदुओंको सौपने पर सुनवाई विश्व वैदिक सनातन संघ प्रमुख व शृंगार गौरी मामले में वादी राखी सिंह के चाचा जितेंद्र सिंह बिसेन की पत्नी किरण सिंह ने 24 मई को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत में याचिका दायर की थी। इसमें ज्ञानवापी परिसर में दर्शन-पूजन, मुस्लिमों का प्रवेश प्रतिबंधित करने तथा मस्जिद हिंदुओं को सौंपने की मांग की थी। अदालत ने 25 मई को सुनवाई की तिथि तय की। सुनवाई शुरू होने से कुछ ही देर पहले जिजा जज ने वाद को सिविल जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट) महेंद्र पांडेय की कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में 30 मई यानी सोमवार को सुनवाई होनी है।