जयंत सिन्हा ने ट्वीट कर कहा, सरकार की बाधाओं को समझने की जरूरत है
नई दिल्ली। आम बजट से पहले केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने शनिवार को कहा कि सरकार के लिए राजस्व, खर्च और बाजार से कर्ज लेने के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है। सिन्हा ने ट्वीट कर कहा, सरकार की बाधाओं को समझने की जरूरत है। क्या हम ज्यादा कर वसूलें, कम खर्च करें या ज्यादा उधार लें? सावधानी से संतुलन बनाने की जरूरत है।
उन्होंने ट्वीट के साथ एक टेबल भी जारी किया, जिसमें वित्त वर्ष 2015-16 में सरकार द्वारा किए गए 17.8 लाख करोड़ रुपये खर्च, कर से इकट्ठा हुई राशि 12.2 लाख करोड़ रुपये और घाटा पूरा करने के लिए 5.6 लाख करोड़ रुपये उधारी का लेखाजोखा प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने उदाहरण पेश करते हुए कहा, एक ऐसा घर जिसकी आय 100 रुपये, खर्च 146 रुपये और उधारी सालाना 46 रुपये। प्रश्न यह है कि क्या हमें ज्यादा कमाना चाहिए, यानी ज्यादा कर वसूलना चाहिए, कम खर्च करना चाहिए या ज्यादा उधार लेना चाहिए? इससे पहले उन्होंने एक यूट्यूब पोस्ट में कहा था कि आनेवाले बजट में गरीबों के उत्थान, किसानों के विकास और युवाओं के लिए रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने आम बजट से पहले दिए संदेश में कहा, यह बजट दूरंदेशी होगा, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भारत अशांत और अनिश्चित वैश्विक वातावरण में स्थायित्व और विकास का वाहक बना रहे। सिन्हा ने इसके अलावा शुक्रवार को अपने ट्वीट में कहा कि वर्तमान सरकार ने महंगाई को थामने में सफलता पाई है। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठंबधन की सरकार मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में सफल रही है।
इससे पहले केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने भी करदाताओं की सुविधा के बारे में बात की थी। जेटली ने कहा, सरकार करदाताओं की सुविधा के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा रही है। अब तक 1.4 करोड़ करदाताओं ने अपने रिफंड के लिए इस माध्यम से अधिसूचित किया और इसी माध्यम से उनके रिफंड का भुगतान भी किया गया।