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स्टे से रुका दादाजी मंदिर खंडवा के निर्माण का काम

दादाजी धाम...पत्थर और मार्बल की लड़ाई. मप्र के प्रस्तावित सबसे सुंदर मंदिर को लगा विवादों का ग्रहण, भक्तों में एकमत नहीं होने से हर साल उठता है विवाद. गुरुपूर्णिमा से पहले मंदिर निर्माण के पांच खंभों का लक्ष्य, एक भी पूरा नहीं लगा, फिर विवादों में आया निर्माण कार्य. डेढ़ साल पहले हुआ था भूमिपूजन, दस महीने पहले करीब शुरू हुआ था काम, पहले चरण में ही हिचकोले  

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खंडवा

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Amit Jaiswal

Jun 07, 2019

Dadaji dhuniwale khandwa Temple Stay Latest News

Dadaji dhuniwale khandwa Temple Stay Latest News

खंडवा. अवधूत संत श्री दादाजी धूनीवाले के मंदिर निर्माण कार्य को रोक दिया गया है। ये राज गुरुवार को तब खुला, जब ट्रस्ट द्वारा मंदिर परिसर में खंभे लगवाए जाने के लिए खुदवाए गए गड्ढे बंद कराए जा रहे थे, तब यहां दर्शन के लिए रामचंद्र मौर्य व अन्य ने मुद्दा उठाया कि इस तरह गड्ढे खुदवाना व बंद कराना, कहां के निर्माण की कार्ययोजना है। बहस बढ़ी तो ट्रस्ट की तरफ से बताया गया कि शिकायत के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी एवं पंजीयक सार्वजनिक न्यास ने काम रूकवाया है। मप्र का सबसे सुंदर मंदिर बनाए जाने के दावों को विवादों का ग्रहण लगा है। दरअसल, भक्तों में एकमत नहीं होने से ही एक बार फिर विवाद उठा है। 17 जुलाई को आ रही गुरुपूर्णिमा से पहले मंदिर निर्माण के तहत 5 खंभे लगाए जाने का लक्ष्य था लेकिन 26 जुलाई 2018 को गुरुपूर्णिमा पर लगाए गए 18 फीट ऊंचे खंभे का काम ही अभी अधूरा है। 17 पिलर के लिए पत्थर आ गए हैं, 13 के गड्ढे व फाउंडेशन तैयार हैं। प्रत्येक पिलर 8 हिस्सों में बनेगा।

रविवार को जारी हुआ है आदेश
अनुविभागीय अधिकारी एवं पंजीयक सार्वजनिक न्यास खंडवा ने श्री धूनीवाला आश्रम पब्लिक ट्रस्ट के ट्रस्टी/वर्किंग ट्रस्टी प्रकाश बाहेती को जो पत्र जारी किया है, वो 7 अप्रैल (रविवार) 2019 का है। इसे लेकर भी कई तरह की चर्चाएं बाजार में हैं।

25 करोड़ की लागत से होना है निर्माण
15500 स्क्वेयर फीट में निर्माण करेंगे

05 चरण निर्माण के लिए तय किए गए

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Dadaji dhuniwale khandwa a IMAGE CREDIT: patrika

मतभेद और विवाद हैं, क्योंकि...
- ट्रस्ट यहां 108 खंभों का लाल-गुलाबी पत्थर का मंदिर निर्माण करा रहा है। 18 फीट ऊंचाई के खंभे होंगे। 101 फीट ऊंचा बड़े दादाजी का मंदिर, 71 फीट ऊंचाई का छोटे दादाजी का मंदिर, 71 फीट ऊंचाई का का मां नर्मदा का मंदिर व 31 फीट ऊंची धूनीमाई के मंदिर की ऊंचाई होगी। 6 साल में निर्माण पूरा होने के दावे हैं। ट्रस्ट का कहना है कि हमने अक्षरधाम बनाने वाले आर्किटेक्ट वीरेंद्र गौतम को साथ लिया है। कांट्रेक्टर से बैंक गारंटी ली है। शिकायकर्ता कौन हैं? क्या वे मंदिर बनवा देंगे?

- रामेश्वर दयाल उर्फ छोटे सरकार के अनुयायी यहां 84 खंभों का मार्बल का मंदिर बनाना चाहते हैं। रिटायर्ड मेजर आरके टंडन के अनुसार, 12 फरवरी 2012 को इसका नक्शा पास हो चुका है। 28 जुलाई 2018 को आए छोटे सरकार ने ट्रस्टियों के समक्ष कहा था- हमने खूब प्रयास कर लिए। 84 खंभों की परिक्रमा, दादरी, म्यूजियम, ध्यान केंद्र बनाने का प्रस्ताव भी रख दिया। अब अगर सहमति नहीं बनती है तो कहीं अन्य मंदिर बनाएंगे। 5 करोड़ रुपए का 90 ट्रक मार्बल यहां रखा हुआ है।


यह चार बिंदु पढ़ेंगे तो इस मामले से जुड़ी हर जानकारी को आसानी से समझेंगे...
1. किसने की थी शिकायत : हिमांशु अग्रवाल व अन्य ने आयुक्त इंदौर संभाग को शिकायत की थी। इसमें श्री धूनीवाला आश्रम पब्लिक ट्रस्ट खंडवा में आश्रम संचालन एवं मंदिर निर्माण अव्यवस्था व अनियमितता के चलते प्रशासनिक हस्तक्षेप की बात कही गई थी।
2. फिर आगे क्या हुआ : 11 मार्च 2019 को इंदौर संभाग आयुक्त ने इस संबंध में पत्र जारी किया। एसडीएम व सार्वजनिक न्यास पंजीयक ने 7 अप्रैल 2019 को कार्यपालन यंत्री अनुविभागीय अधिकारी विभाग व पंचगण की मौजूदगी में स्थल निरीक्षण किया।
3. निष्कर्ष क्या निकला : पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री ने मत दिया कि नवनिर्माण की डिजाइन, निर्माण कार्य में लगने वाली सामग्री व अभी तक किए गए निर्माण कार्य की विस्तृत व विशेषज्ञ जांच नहीं होने तक निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकते कि निर्माण कार्ययोजना कितनी सुरक्षित है।

4. ...और काम पर कैसे लगी रोक : एसडीएम ने ट्रस्टी प्रकाश बाहेती को लिखे पत्र में कहा- मौका निरीक्षण व पीडब्ल्यूडी ईई के मत के आधार पर मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि श्री धूनीवाला आश्रम पब्लिक ट्रस्ट खंडवा द्वारा मंदिर परिसर में किए जाने वाले नवनिर्माण श्रद्धालुओं व आम जनता के लिए कितना सुरक्षित हैं, इस संबंध में स्पष्ट प्रतिवेदन प्राप्त होने तक निर्माण कार्य जारी रखना लोक सुरक्षा के लिए संदेह से परे नहीं है। तब तक के लिए निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाती है।

5 चरणों में निर्माण की ऐसे तय की गई है कार्ययोजना
1 चरण : सबसे पहले धूनीमाई के पास काम शुरू हुआ है, जो 2881 स्क्वेयर फीट है। यहां 20 खंभे लगना है।

2 चरण : श्री छोटे दादाजी महाराज मंदिर का काम होगा। यह 3670 स्क्वेयर फीट है।
3 चरण : श्री बड़े दादाजी महाराज की समाधि के पास खाली जगह 3670 स्क्वेयर फीट पर काम किया जाएगा।

4 चरण : श्री बड़े दादाजी मंदिर के पीछे खाली जगह में काम होगा। यह 2100 स्क्वेयर फीट है।
5 चरण : मंदिर विस्तारीकरण के आखिरी चरण में श्री बड़े दादाजी महाराज के मंदिर का काम होगा, जो 3148 स्क्वेयर फीट है।

फिलहाल सबकुछ अस्त-व्यस्त

- निर्माण के लिए मां नर्मदा मंदिर, गंगाजल भंडारगृह व भजन कक्ष को शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया के चलते यहां बहुत कुछ तोडफ़ोड़ होने से सबकुछ अस्त व्यस्त है।
- धूनीमाई के पास खाली जगह बढ़ाने के लिए पुराने निर्माण के साथ छेड़छाड़ किए जाने से यहां खूब टूट-फूट हो गई है, गुरुपूर्णिमा पर आने वाले भक्त परेशान होंगे।

अब आपत्ति समझ से परे है

गुरुपूर्णिमा के अगले दिन जब रामेश्वर दयाल उर्फ छोटे सरकार यहां आए थे, तब सबकी उपस्थिति में तय हुआ था कि उनके मार्बल का उपयोग बाउंड्रीवॉल में होगा और लाल पत्थर से मंदिर निर्माण होगा। अब आपत्ति समझ से परे है। ट्रस्ट के पास निर्माण के पहले फेज में खर्च होने वाली 3 करोड़ से ज्यादा की राशि बैंक में उपलब्ध है। कार्ययोजना का कोई अभाव नहीं है। शिकायत में हमें सुना तक नहीं गया।

सुभाष नागोरी, ट्रस्टी, धूनीवाला आश्रम पब्लिक ट्रस्ट

रिपोर्ट का कर रहे हैं इंतजार

पीडब्ल्यूडी-पीआइयू के अफसरों को शामिल कर एक जांच कमेटी बनाई है, उसकी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। उससे पता चलेगा कि जो कार्य किया जा रहा है, वो जनमानस के लिए सुरक्षित है या नहीं? रविवार को आदेश जारी होने का कोई दूसरा अर्थ न निकाला जाए, लोगों की सुरक्षा के मामले में सदैव कार्य चलता रहता है।

संजीव केशव पांडेय, एसडीएम

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