दरअसल विजयादशमी पर रावण दहन के लिए शहर के फूलबाग मैदान पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का निर्माण किया जा रहा है। यहीं पर विजयादशमी पर आज रावण दहन कार्यक्रम किया जाना है। रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के जो पुतले यहां बने हैं, उनमें जीवाजी विश्वविद्यालय के रिजल्ट के 2020 टेबुलेशन चार्ट का इस्तेमाल किया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी से पता चला है कि, विश्वविद्यालय ने टेबुलेशन चार्ट को कबाड़े में बेच दिया था, जिसका इस्तेमाल अब पुतलों के निर्माण में किया गया है।
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यूनिवर्सिटी की घोर लापरवाही
वहीं, मामले के तूल पकड़ने के बाद जीवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस संबंध में किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया है। फिलहाल, वो मामले में कुछ भी कहने से प्रबंधन बच रहा है। लेकिन, ये बात तो माननी पड़ेगी कि, रिजल्ट के टेबुलेशन चार्ट को कबाड़े में बेचना यूनिवर्सिटी की घोर लापरवाही है।