अभियान के तहत कर रहे जागरुक
पत्रिका रक्षा कवच अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को साइबर अपराध से जुड़े खतरों के प्रति सतर्क और जागरूक करना था। डिजिटल दुनिया में बढ़ते धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े, बैंकिंग धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों के मामलों में हर दिन इजाफा हो रहा है। ऐसे में आम जनता को साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी देना और उन्हें अपराधियों से बचाव के उपाय बताना आवश्यक हो गया है। कार्यक्रम की शुरुआत में पत्रिका प्रतिनिधि ने साइबर अपराधों के उदाहरण दिए। एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में उन्होंने बताया कि साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी घटनाएं पिछले कुछ वर्षों में बहुत बढ़ी हैं। इंटरनेट के माध्यम से ठगी, फिशिंग, स्पूफिंग और वायरस अटैक के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही ऑनलाइन शॉपिंग और ऑनलाइन पेमेंट के दौरान होने वाली धोखाधड़ी भी आम हो गई है। इस तरह की घटनाएं केवल बड़ी कंपनियों या व्यक्तिगत पहचान की चोरी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छोटे व्यापारी और आम नागरिक भी इस तरह के अपराधों का शिकार हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कैसे साइबर अपराधी आम लोगों को फर्जी कॉल और मैलवेयर के माध्यम से धोखा देते हैं।
साइबर अपराध से बचाव के कुछ मुख्य उपायों को साझा किया
- पार्सल और ऑनलाइन डील्स पर सतर्कता: कोई भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। ऑनलाइन खरीदारी करते समय केवल विश्वसनीय वेबसाइट्स का ही इस्तेमाल करें।
- ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षा: बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड और ओटीपी को किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। अपने बैंक खाते की सुरक्षा के लिए दो-चरणीय प्रमाणीकरण का उपयोग करें।
- स्मार्टफोन की सुरक्षा: अपने स्मार्टफोन में एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करें और केवल सुरक्षित ऐप्स को इंस्टॉल करें। मोबाइल में सुरक्षित लॉक स्क्रीन और फिंगरप्रिंट/पिन का उपयोग करें।
- पासवर्ड सुरक्षा: हमेशा अपने पासवर्ड को मजबूत बनाएं, जिसमें कम से कम 8-12 अक्षर और संख्या, विशेष प्रतीक शामिल हों। पासवर्ड को नियमित रूप से बदलें।
- साइबर धोखाधड़ी के संकेत: अगर आपको कोई कॉल या मैसेज आता है जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है, तो उसे नजरअंदाज करें। हमेशा संदेहास्पद ईमेल और फोन कॉल्स से बचें।
- डेटा बैकअप: अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों और फाइलों का नियमित रूप से बैकअप रखें, ताकि किसी भी संकट के समय आपको परेशानी न हो।
- फिशिंग से बचाव: फिशिंग ईमेल से बचने के लिए कभी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। सरकारी एजेंसियों या बैंक से संबंधित जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।