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नए परिदृश्य में नजर आएगा पुरातत्व शोध संग्रहालय

नेरोगेज बोगी की मरम्मत कर किया जा रहा रंग रोंगनसंग्रहालय की सुरक्षा को लेकर बाउंड्रीवाल व जीआई तार का बनाया गया घेरासंग्रहालय में बनाया जा रहा धरोहर जंक्शनआगामी माह में लोकार्पण कर शोधार्थियों और पर्यटको को किया जाएगा समर्पितविश्व पटल पर अव्वल दर्जे हमारा पुरातत्व संग्रहालय

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नए परिदृश्य में नजर आएगा पुरातत्व शोध संग्रहालय

नए परिदृश्य में नजर आएगा पुरातत्व शोध संग्रहालय

बालाघाट. शहर की धरोहर पुरातत्व शोध संग्रहालय शीघ्र ही नए कलेवर व परिदृश्य में नजर आएगा। पर्यटकों को आकर्षित करने संग्रहालय का भव्य स्तर पर कायाकल्प करवाया जा रहा है। सभी कार्यो के पूर्ण होने के बाद पूरा संग्रहालय परिसर नए रूप में नजर आने की बात संग्रहालय पदाधिकारी कह रहे हैं। जिनका कहना है कि जिला पुरातत्व, पर्यटन और संस्कृति परिषद अध्यक्ष व कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन समस्त कार्या को अंजाम दिया जा रहा है। सभी कार्यो के पूर्ण होने के बाद यह संग्रहालय विश्व में अव्वल दर्जे का संग्रहालय बन जाएगा।
संग्रहालय अध्यक्ष डॉ वीरेन्द्र सिंह गहरवार के अनुसार पुरातत्व शोध संग्रहालय बालाघाट पंच कोणी रोड पर स्थापित हैं। यहां दुर्गम स्थानों से पुरातात्विक महत्व की प्रतिमाओं, छायाचित्रों आदि को संग्रहित कर रखा गया है। साथ ही विश्व का प्रथम पुरातत्व संग्रहालय है, जहां नेरोगेज डीजल इंजन-बोगी गार्ड का डब्बा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में शोधार्थी, पर्यटकों का पहुंचना होता है। जिन्हें वे जानकारियां देकर जिज्ञासाओं को शांत करते हैं।
बदला हुआ नजर आए स्वरूप
डॉ गहरवार ने बताया कि पुरातत्व संग्रहालय का समय-समय पर तात्कालिक कलेक्टरों मनु श्रीवास्तव, भरत यादव, डीबी सिंह ने आवश्यक सुधार कार्य करवाया था। वहीं वर्तमान कलेक्टर डॉ गिरीश मिश्रा के मार्गदर्शन पर पुरातत्व संग्रहालय का सुधारीकरण, संवर्धन, कार्य करवाया जा रहा है। इस बार कुछ विशेष कार्य भी करवाए जा रहे हैं। इन कार्यो के पूरे होने पर पूरे संग्रहालय का स्वरूप बदला हुआ नजर आएगा।
धरोहर जंक्शन पर चल रहा काम
संग्रहालय पदाधिकारियों ने बताया कि जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के माध्यम संग्रहालय में जिले की 100 साल पुरानी नेरोगेज ट्रेन की बोगी स्थापित करवाई जा चुकी है। वहीं वर्तमान में उसी बोगी के डीजल इंजन को प्लेटफार्म तैयार कर स्थापित करवाया जा रहा है। क्षतिग्रस्त बोगी और इंजन की मरम्मत कर रंग रोंगन भी किया जाएगा। पूरे संग्रहालय परिषद की सुरक्षा के लिहाज से जीआई तार का मजबूत घेरा बनाया गया है। वहीं इंजन व बोगी के प्लेट फार्म के उपर शेड लगाने के बाद आकर्षिक लाइटिंग की व्यवस्था उसे धरोहर जंक्शन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस तरह अनूठा प्रयास पहली बार किसी संग्रहालय में किए जा रहे हैं। इस कारण हमारा यह संग्रहालय पूरे विश्व पटल पर अंकित होने जा रहा है।
वर्सन
डीएटीसीसी अध्यक्ष व कलेक्टर सर के मार्गदर्शन में समस्त कार्यो को अंजाम दिया जा रहा है। इसमें डीएटीसीसी की पूरी टीम, पर्यटन प्रबंधक और संग्रहालय परिवार का पूरा सहयोग मिल रहा है। शीघ्र ही धरोहर जंक्शन का लोकार्पण करवाया जाना है। युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही है।
डॉ वीरेन्द्र सिंह गहरवार, संग्रहालय अध्यक्ष