भाजपा नेता ने आरोप लगाया गया कि इस जघन्य वारदात में राज्य के गृह मंत्री के पोते और एमआईएम विधायक के बेटे भी शामिल हैं। हालांकि पुलिस अधिकारी ने गृह मंत्री के पोते की संलिप्तता के आरोपों को 100 प्रतिशत निराधार करार दिया। उन्होंने कहा कि ना तो पीड़िता के बयान में विधायक के बेटे का नाम है। ना ही अभी तक हमलोगों द्वारा जमा किए गए सबूतों में कहीं से भी विधायक के बेटे की संलिप्तता मिली है।
बताते चले कि शनिवार को इस मामले में हैदराबाद में जन सेना पार्टी के साथ भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया था। विरोध कर रहे विपक्षी नेताओं ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। दूसरी ओर हैदराबाद पुलिस ने कहा कि अभी तक इस केस में चार आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पांचवें आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस उपायुक्त जोएल डेविस ने बताया कि रविवार को जुबली हिल्स पुलिस ने एक और नाबालिग आरोपी को पकड़ा है।
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डीसीपी ने बताया कि अब तक 5 आरोपियों में से एक मुख्य आरोपी और 3 किशोरों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी को एक जुविनायल कोर्ट में पेश किया जाएगा। बताते चले कि सादुद्दीन मलिक (18) को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो आरोपियों, दोनों नाबालिगों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। दूसरा मुख्य आरोपी ओमैर खान (18) अभी फरार है।
दूसरी ओर पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने पीड़िता को वापस पब के पास छोड़ दिया। उसने अपने पिता को बुलाया, जिन्होंने उसे उठाया, लेकिन उन्हें संदेह था कि उसके साथ कुछ अनहोनी हुई है, क्योंकि उसकी गर्दन पर चोट के निशान थे। हालांकि जांच में जुटे पुलिस अधिकारी ने पीड़िता का पहचान उजागर न हो इसके लिए घटनास्थल की जानकारी नहीं दी।
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बताते चले कि गैंगरेप की यह घटना 28 मई की है। जिसमें हाई प्रोफाइल पार्टी से घर लौट रही 17 वर्षीय लड़की के साथ कार में गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया था। आरोपियों में एक तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के एक नेता का बेटा है, जो सरकार द्वारा संचालित अल्पसंख्यक निकाय का प्रमुख है। पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 354 और पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया था।