
WEST BENGAL --अपनी मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी
BENGAL TET NEWS-कोलकाता। पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया बुधवार को शुरू होगी। इस बीच, शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में उत्तीर्ण परीक्षार्थी लगातार साल्टलेक स्थित पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षक बोर्ड कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे बीमार पड़ गए कई परीक्षार्थियों को अस्पताल ले जाया गया। साल्टलेक प्राथमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय के आचार्य प्रफुल्लचंद्र (एपीसी) भवन क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन से हंगामा मचा है। टीईटी उत्तीर्ण नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार सोमवार से नौकरी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।पुलिस ने नौकरी चाहने वालों में से कुछ को हटाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने और एपीसी भवन के सामने धरने पर बैठ गए। मंगलवार को भी धरना जारी रहा। इनमें से कई के बीमार होने की सूचना हैं जबकि उम्मीदवारों ने आमरण अनशन की धमकी दी है। नौकरी के इच्छुक चार उम्मीदवारों ने परिषद अध्यक्ष गौतम पाल से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 2020 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि शुरुआत में २० हजार लोगों को शिक्षक नियुक्त किया जाएगा लेकिन किसी को नौकरी नहीं मिली।
टेट पास अभ्यर्थियों के बारे में कुछ नहीं बोलूंगी, कोर्ट से पूछो
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वर्ष 2014 में टेट पास अभ्यर्थियों (नॉट इंक्लुडेट) के आंदोलन के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। मालबाजार में उनसे इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी मै कुछ नहीं बोलूंगी। यह मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है। हाई कोर्ट ने इस बारे में निर्देश दिया है। आप लोग हाई कोर्ट से जाकर पूछें।ईधर प्राथमिक स्कूल के शिक्षक पद पर नियुक्ति की मांग को लेकर उक्त टेट पास अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। वे सोमवार से साल्टलेक के करुणामयी स्थित प्रथामिक शिक्षा परिषद के मुख्या के सामने धरना पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार 2014 में टेट पास करने के साथ ही उन लोगों ने प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए दो बार इंटरव्यू भी दिया है। फिर भी उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिला।
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अनुचित मांग स्वीकार नहीं- परिषद अध्यक्ष
प्राथमिक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष गौतम पाल ने आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में हर किसी को विरोध-प्रदर्सन करने का अधिकार है। आंदोलनकारियों के प्रति सहानुभूति है। लेकिन अनुचित मांगों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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- क्या ममता मानवीय मुख्यमंत्री हैं- आंदोलनकारी
आंदोलनकारी पियाली गुछाइत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमें नौकरी मिलने के सपने दिखाई थीं। उन्होंने कहा था कि 2014 में टेट पास करने वाले सभी को नौकरी दिया जाएगा। लेकिन 42,000 भर्तियों में घोटाला हुआ है। अगर अब मुख्यमंत्री हमे नौकरी देने से इनकार करती हैं, तो क्या वह मानवीय मुख्यमंत्री हैं। इस मामले में उन्हें स्वंय आकर देखना चाहिए।
Published on:
19 Oct 2022 12:20 pm
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