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180 से ज्यादा गांवों के 45 हजार किसान परेशान, जानिए क्या है बड़ा कारण

समस्याओं का समाधान नहीं होने पर किसानों ने 18 अगस्त को डिस्कॉम मुख्यालय पर पड़ाव डाला था।

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जोधपुर। डिस्कॉम मुख्यालय पर खत्म हुए आंदोलन के बाद किसानों को बिजली संकट का हल निकलने की उम्मीद जगी है। जिले के करीब 180 गांवों के 45 हजार से ज्यादा किसान किसी ने किसी रूप में बिजली संकट से परेशान थे। इनमें वोल्टेज, ट्रिपिंग, विद्युत आपूर्ति, जले ट्रांसफॉर्मर की समस्या आदि प्रमुख है। उल्लेखनीय है कि भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसान विद्युत संबंधी समस्याओं को लेकर पिछले कई दिनों से सब डिविजनों पर आंदोलनरत थे। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर किसानों ने 18 अगस्त को डिस्कॉम मुख्यालय पर पड़ाव डाला था।

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पांचवें दौर की वार्ता के बाद खत्म हुआ महापड़ाव
जोधपुर डिस्कॉम मुख्यालय पर पिछले चार दिन से चल रहा किसानों का महापड़ाव सोमवार देर रात्रि पांचवे दौर की वार्ता के बाद खत्म हुआ। मुख्य सचिव की वीडियो कांफ्रेंस के दौरान जुड़े ऊर्जा मंत्री, ऊर्जा सचिव, प्रसारण निगम के चेयरमैन के समक्ष डिस्कॉम प्रबंधन ने किसानों की मांगों को रखा, जिस पर सभी मांगों पर आपसी सहमति बनने के बाद सहमति अनुसार सभी बिंदुओं को लिखित में देने के बाद महापड़ाव को खत्म करने की घोषणा की गई। वार्ता में किसानों की ओर से प्रदेश मंत्री तुलछाराम सिंवर, प्रांत अध्यक्ष माणकराम परिहार, संभाग अध्यक्ष नरेश व्यास, फलोदी जिलाध्यक्ष राजेंद्र व्यास, जोधपुर जिलाध्यक्ष रामनारायण जांगू शामिल हुए। वहीं डिस्कॉम की ओर से प्रबंध निदेशक प्रमोद टांक, तकनीकी निदेशक मदनलाल मेघवाल सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

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यह प्रमुख निर्णय हुए
- सोलर एनर्जी उत्पादकों को रिएक्टिव पॉवर बैलेंस के लिए पाबंद करने के लिए पॉलिसी में बदलाव पर ऊर्जा सचिव की ओर सैद्धांतिक सहमति बनी।
- सभी 33/11 विद्युत जीएसएस पर 15 अक्टूबर तक ऑटोमेटिक केपीसीटर लगाए जाएंगे। जो वहां 33 हजार वोल्टेज मेंटेन रखेंगे।
- प्राथमिकता के आधार पर किसानों के ट्यूबवैल पर डिस्कॉम की ओर से एलटी केपीसीटर स्थापित किए जाएंगे।
- विभिन्न 132 जीएसएस पर सीनियर अधिकारी विजिट कर ब्लॉक मैनेजमेंट प्लान तैयार कर लोड बैलेंस करेंगे।


जले हुए ट्रांसफॉर्मर में निर्णय
- जले हुए ट्रांसफॉर्मर बदलने के लिए प्रत्येक सब डिवीजन पर ट्रांसफॉर्मर आरक्षित रहेंगे।
- लंबित कृषि कनेक्शन में निर्णय
- मांग पत्र जमा करवा चुके सभी किसानों को 30 अक्टूबर तक कृषि कनेक्शन जारी होंगे। किस किसान को कब ट्रांसफार्मर मिलेगा, उसका समय तय होगा।