हाल ही पीड़िता ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वो कुछ दिन पूर्व विधायक भंवरलाल राजपुरोहित (Former BJP MLA Bhanwarlal) के घर गई, जहां राजपुरोहित ने गाली-गलौच, छेड़छाड़ कर बलात्कार का प्रयास किया। साथ ही उसे धमकाते हुए कहा कि पुलिस में नौकरी करनी है तो उससे संपर्क रखना पड़ेगा। नौकरी से निकलवाने की भी धमकी दी। उधर, पूर्व विधायक भंवरलाल ने बताया कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। जिस समयावधि के आरोप हैं उस समय वह गंभीर बीमार थे । पहले भी राजनीतिक द्वेषता से मुझ पर मुकदमा दर्ज करवाया गया है। मकराना थाना प्रभारी प्रमोद कुमार शर्मा ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया है, जांच की जाएगी।
कोर्ट ने 10 साल की सुनाई थी सजा
राजस्थान के नागौर जिले के मकराना की एडीजे कोर्ट ने पूर्व विधायक भंवरलाल राजपुरोहित को दस साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पूर्व विधायक को 22 साल की महिला से दुष्कर्म का दोषी पाया और फिर उनकी सजा का फैसाला सुनाया और एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। मनाना गांव की रहने वाली 22 साल की एक महिला ने 1 मई 2002 को पूर्व विधायक भवरलाल शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था।
अपनी शिकायत में उसने पुलिस को बताया था कि 29 अप्रैल दोपहर करीब तीन बजे भंवरलाल राजपुरोहित के कुएं पर गई थी। उसने पति से मुंबई बात करवाने के बहाने अंदर बुला लिया तथा उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि दुष्कर्म के बाद भंवरलाल ने उसे पांच सौ रुपए देकर चुप रहने को कहा, लेकिन वह पैसे फेंककर आ गई। दुष्कर्म के बाद महिला गर्भवती भी हो गई थी, जिस कारण उसका गर्भपात कराया गया। बीस साल से यह केस मकराना के अपर सेशन न्यायालय (एडीजे कोर्ट) में चल रहा था।
सात गवाहों ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। अक्टूबर 2003 में राजस्थान में विधानसभा चुनाव हुए तो भाजपा ने भंवरलाल को मकराना से प्रत्याशी बनाया। चुनाव जीतकर भंवरलाल राजपुरोहित विधायक बन गया। भंवरलाल मकराना पंचायत समिति में चार बार प्रधान रह चुका है। पहली बार वह 20 मई 1971, दूसरी बार 30 जनवरी 1975, तीसरी बार 27 नवंबर 1981 और फिर 18 अक्टूबर 1985 में प्रधान बना।