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ड्रग्स सप्लायर लोगों को बताते थे कीटनाशक की फैक्ट्री, हो सकते हैं कई खुलासे

MD Drug Case Bhopal: ड्रग्स के कारोबार में खुलासे के बाद औद्योगिक क्षेत्र की जानकारी एकत्रित कर रही पुलिस, एमपीआइडीसी भी सक्रिय

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MD Drug Case

MD Drug Case Bhopal

बगरोदा में जिस फैक्ट्री में ड्रग्स का उत्पादन हो रहा था वहां दूसरे दिन भी एनसीबी की टीम पहुंची और कार्रवाई की। वहीं फैक्ट्री मालिक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली गई है। फैक्ट्री मालिक आसपास के फैक्ट्रियों के मालिकों को कीटनाशक दवा बनाने वाली कंपनी के रूप में खुद को प्रचारित करता था। एसके सिंह को यह फैक्ट्री जयदीप सिंह ने बेची थी और एसके सिंह ने ही अमित चतुर्वेदी को फैक्ट्री किराए पर दी थी। जिसके चलते जयदीप सिंह और एसके सिंह के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है।

एसके सिंह को गिरफ्तार कर उससे पुलिस ने पूछताछ भी की, हालांकि जयदीप सिंह अभी फरार बताया जा रहा है। फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और पुलिस को तैनात कर दिया गया है। 4 आर्म्स गार्ड यहां पर तैनात है। औद्योगिक क्षेत्र के अध्यक्षों से फैक्ट्रियों की जानकारी मांगी है।

बगरोदा में मशीन बनवाने के लिए पहुंचा था

ड्रग्स फैक्ट्री के पास ही मशीन बनाने की एक कंपनी जिसके मालिक ने भी दावा किया है कि ड्रग्स फैक्टरी के मालिक उसके पास मशीन बनवाने के लिए 3 से 4 महीने पहले पहुंचे थे। मशीन के कंपनी के मालिक का कहना है कि कीटनाशक दवा बनाने की मशीन का बोल कर फैक्ट्री मालिक उसके पास आए मशीन उन्होंने जल्द से जल्द बनाने की बात कही और मोलभाव भी किया लेकिन सौदा नही पटा जिसके बाद वो वापस चले गए।

आरोपी अमित चतुर्वेदी के घर पहुंची पुलिस

ड्रग्स फेक्टरी को संभालने वाले आरोपी अमित चतुर्वेदी के घर पुलिस जांच के लिए पहुंची । हालांकि घर पर ताला लगा मिला । अमित चतुर्वेदी भोपाल के कोटरा के द्वारका नगर में रहता है। पुलिस जब उसके घर पहुंची तो उसके घर पर ताला लगा मिला था । अमित की पत्नी और दो बच्चे साथ में रहते है अमित की मां की भी जानकारी सामने आई है जिसे लेकर ये बताया कि वो अमित के अन्य भाई के साथ रहती है । आसपास के लोगों ने बताया है कि अमित की पत्नी 2 दिन से घर पर नहीं है ।

बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र के 400 प्लॉट में से 275 खाली, बाकी बेनामी

बगरोदा में तमाम बेनामी फैक्ट्रियां हैं। इंडस्ट्रियल एरिया में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए करीब 400 प्लॉट उद्योगपतियों को आवंटित किए गए थे। उनमें से अब तक करीब 125 फैक्ट्रियां चालू हो गई हैं। 275 प्लॉट खाली ही हैं। आधे-अधूरे निर्माण हुए हैं।


स्थानीय उद्यमियों ने बताया कि बगरौदा इलाके में इंडस्ट्री जरूर डेवलप की जा रही है, लेकिन यहां सुविधा और सुरक्षा का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। इंडस्ट्रियल कॉमप्लेक्स तक पहुंचने के लिए न तो बेहतर सड़कें हैं और न ही सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था। क्षेत्रीय कटारा हिल्स थाने की दूरी ज्यादा होने के चलते उद्यमी हमेशा असुरक्षा में रहते हैं। बदहाल सड़कों की वजह से परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर व्यापार पर भी पड़ रहा है।

बगरोदा इंडस्ट्रीज उद्यमी संघ की बैठक

बगरोदा में अवैध ड्रग निर्माण की घटना के बाद बगरोदा इंडस्ट्रीज उद्यमी संघ और एमपीआइडीसी की बैठक सोमवार को बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र की यूनिट दीवा लॉजिस्टिक्स में हुई।

बैठक में इंडस्ट्रीज उद्यमी संघ और एमपीआइडीसी द्वारा फैक्टरियों में कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी संबंधित अथॉरिटी और पुलिस को देने के संबंध में बात हुई। तय हुआ कि क्षेत्र के उद्यमी एक समिति बनाएंगे जिसमें प्रत्येक भूमि स्वामी की जानकारी, मजदूरों और कर्मचारियों की जानकारी अपडेट रहेगी। बैठक में उद्यमियों ने क्षेत्र में पुलिस चौकी स्थापना,रात्रि में प्रकाश व्यवस्था आदि का मुद्दा भी उठाया।

पुलिस की जिम्मेदारी

औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस की जिम्मेदारी है कि वो तमाम फैक्ट्रियों की जानकारी रखे। ये फैक्ट्री मालिक की भी जवाबदारी है कि वो लेबर, काम की और किराए पर दी जाने वाली संपत्ति की जानकारी पुलिस को दें। जानकारी न देने पर पुलिस के पास कार्रवाई करने का अधिकार है।

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