15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जंगल क्षेत्र में रसूखदार फिर से कर रहे अवैध खनन की तैयारी, जंगली जानवरों को है खतरा

हरे पेड़ काटकर जीएसएस बनाने की तैयारी

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Prem Pathak

Jun 26, 2018

khairthal Alwar : influential trying to start illegal mining

जंगल क्षेत्र में रसूखदार फिर से कर रहे अवैध खनन की तैयारी, जंगली जानवरों को है खतरा

वन विभाग ने अवैध खनन रोकने को पहले खाई खोद विकसित किया था घना जंगल
अलवर. खैरथल में विद्युत सब स्टेशन (जीएसएस) निर्माण के लिए वन विभाग की ओर से विकसित वन क्षेत्र में हरे पेड़ पर आरी चलाने की तैयारी है। इतना ही नहीं जीएसएस निर्माण से समीपवर्ती पहाड़ पर फिर से अवैध खनन के विस्फोट की आवाज गूंजने की आशंका भी बढ़ गई है।
खैरथल में विद्युत निगम का जीएसएस स्थापित किया जाना है। इसके लिए नगर पालिका को जमीन आवंटित करनी है। पालिका ने कस्बे में जीएसएस के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय के पास करीब ब10 हैक्टेयर भूमि चिह्नित कर वन विभाग को पेड़ों का सर्वे कराने को कहा है।
वर्ष 2014-15 में अवैध खनन पर रोक के लिए वन विभाग ने पहाड़ के सामने दीवार का निर्माण कराया और खाई भी खुदवाई। इसका लाभ यह हुआ कि पहाड़ तक पहुंचने का रास्ता खत्म हो गया। साथ ही वन विभाग ने अवैध खनन रोकने के लिए वहां सरकारी भूमि पर करीब 10 हजार पेड़ लगाए तथा उनकी सुरक्षा के लिए गेट भी लगवाया। इससे वहां घना जंगल विकसित हो गया और अवैध खनन करना मुश्किल हो गया। हालांकि वन विभाग की ओर से यहां 1987 में भी पेड़ लगाए गए थे, लेकिन क्रॅशर शुरु होने के बाद पेड़ काट दिए गए।

जंगली जानवरों को भी है खतरा

घना जंगल होने के कारण यहां जरख, जंगली सूअर, नीलगाय, सेह, जंगली खरगोश एवं अन्य जंगली जानवर भी बहुतायत में विचरण करते हैं। इस क्षेत्र में फिर से इंसानी हलचल या अवैध खनन शुरु होने पर जंगली जानवरों को भी खतरा बढऩे की आशंका है। पहले पहाड़ में दिनभर होते थे विस्फोटयहां रसूखदारों को पहाड़ का हिस्सा लीज पर दिया गया था, लेकिन रसूखदारों ने यहां कई जगह पहाड़ों को छलनी कर दिया। यहां दिन-रात पहाड़ों पर विस्फोट किए जाते थे। इस रास्ते पर सैकड़ों ट्रैक्टर अवैध खनन के पत्थर भरकर दिन-रात चलते थे। रसूखदार यह सिलसिला फिर से शुरु करने की कोशिश कर रहे हैं।

चुनावी वर्ष में फिर से बढ़ी हलचल

चुनावी वर्ष होने के कारण इस क्षेत्र पर खान माफिया की नजर फिर टिक गई और राजनीतिक रसूखदारों के सहयोग से यहां अवैध खनन की नई राह ढूंढ निकाली। जीएसएस निर्माण की स्थिति में यहां सैंकड़ों की संख्या में हरे वृक्ष काटने होंगे। वहीं पेड़ों के कटने से पहाड़ तक पहुंचने की राह आसान हो जाएगी, जिससे अवैध खनन की आशंका रहेगी।

कम से कम पेड़ काटने व दीवार बनाने के निर्देश

जीएसएस निर्माण के लिए नगर पालिका प्रशासन को कम से कम से पेड़ काटने और वहां दीवार बनाने के निर्देश दिए हैं। दीवार बनने के बाद वहां अवैध निर्माण की गतिविधियां शुरू नहीं कर सकेगा।
प्रकाश राजपुरोहित, जिला कलक्टर अलवर