25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस सवाल का जान लीजिए जवाब, दोस्तों से शर्त जीतकर मालामाल बन सकते हैं आप

अब मिठाई के संदर्भ में क्या आप ये बात बता सकते हैं कि देश की राष्ट्रीय मिठाई कौन सी है?

3 min read
Google source verification

image

Arijita Sen

Jan 16, 2019

 राष्ट्रीय मिठाई कौन सी है?

इस सवाल का जान लीजिए जवाब, दोस्तों से शर्त जीतकर मालामाल बन सकते हैं आप

नई दिल्ली। भारत हमारा देश है और अपने देश के विषय में हर छोटी-बड़ी बातों की जानकारी का होना बहुत जरूरी है। देश के बारे में सबसे कॉमन सवाल तो ये हैं कि देश की राजधानी क्या है? राष्ट्रीय फूल, राष्ट्रीय पशु, फल, पक्षी क्या है, इस बारे में जानकारी हमें स्कूल में ही मिल जाती है।

बचपन में मिली इस जानकारी के बावजूद कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनसे इन सवालों के जवाब देते नहीं बनता। एक ऐसा ही सवाल आज हम आपसे करने जा रहे हैं और देखने वाली बात तो यह है कि कितने लोगों को इसके जवाब के बारे में पता है।

यह तो हम जानते हैं कि देश के विभिन्न प्रान्तों में अलग अलग तरह के पकवान और मिठाईयां बनती हैं। रसगुल्ला, काजू कतली, चमचम, गुजिया, मोतीचूर के लड्डू ऐसी कई मिठाईयां हैं जिसे खाना लोग पसंद करते हैं। अब मिठाई के संदर्भ में क्या आप ये बात बता सकते हैं कि देश की राष्ट्रीय मिठाई कौन सी है?

इस सवाल को पढ़ते ही आपके दिमाग में मिठाईयों के कई नाम जरूर आ रहे होंगे। कोई गुलाब जामून सोच रहा होगा तो किसी के मन में लड्डुओं की तस्वीर आ रही होगी। कोई छेने की जलेबी को जवाब समझ रहा होगा तो किसी का ध्यान रसगुल्ले पर ही अटका होगा, लेकिन ये सभी जवाब गलत है।

आपको बता दें कि देश की राष्ट्रीय मिठाई जलेबी है। यह उत्तर भारत, पाकिस्तान व मध्यपूर्व का एक लोकप्रिय व्यंजन है। इसका आकार पेंचदार होता है।करारे इस मिठाई की धूम भारतीय उपमहाद्वीप से शुरू होकर पश्चिमी देश स्पेन तक जाती है। इस बीच भारत के साथ साथ बांग्लादेश, पाकिस्तान, ईरान के साथ तमाम अरब मुल्कों में भी यह खूब मशहूर है।

लोगों का मानना है कि जलेबी मूल रूप से अरबी शब्द है और इसका असली नाम है जलाबिया। भारतीय मूल पर जोर देने वाले इसे ‘जल-वल्लिका’ के नाम से भी बुलाते हैं।

रस से परिपूर्ण होने की वजह से इसे यह नाम मिला और फिर धीरे धीरे इसका नाम बदलकर जलेबी हो गया।

महाराष्ट्र में इसे जिलबी और बंगाल में इसे जिलपी के नाम से बुलाया जाता है।