scriptराज्य सरकार हरेली तिहार में पहली बार 30 रुपए प्रति नग बेचेगी गेड़ी, वन विभाग के जरिए होगी बिक्री | cg govt sell gedi in 30 rupees, raipur news | Patrika News
रायपुर

राज्य सरकार हरेली तिहार में पहली बार 30 रुपए प्रति नग बेचेगी गेड़ी, वन विभाग के जरिए होगी बिक्री

CG Raipur Festival News : राज्य सरकार हरेली तिहार के लिए पहली बार 30 रुपए प्रति नग में गेड़ी बेचेगी।

रायपुरJul 04, 2023 / 01:41 pm

Kanakdurga jha

राज्य सरकार हरेली तिहार में पहली बार 30 रुपए प्रति नग बेचेगी गेड़ी, वन विभाग के जरिए होगी बिक्री

राज्य सरकार हरेली तिहार में पहली बार 30 रुपए प्रति नग बेचेगी गेड़ी, वन विभाग के जरिए होगी बिक्री

CG Raipur Festival News : राज्य सरकार हरेली तिहार के लिए पहली बार 30 रुपए प्रति नग में गेड़ी बेचेगी। इसका विक्रय 7 जुलाई से शुरू होगा। यह नई राजधानी स्थित वन विभाग मुख्यालय अरण्य भवन, सभी जिला वन विभाग डिवीजन कार्यालय, संजीवनी और सी-मार्ट में मिलेगा। (raipur news) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर वन विभाग के अधिकारी इसकी तैयारियों में जुटे हुए है। (cg news) इसके लिए बंसोड को बांस उपलब्ध कराया जा रहा है।
यह भी पढ़ें

80 हजार स्वास्थ्य कर्मचारी आज से हड़ताल पर, इन खास मांगों को लेकर उतरेंगे धरना पर, ये स्टाफ भी होंगे शामिल

Hareli Festival : इसे बनाने के एवज में उन्हें प्रति नग करीब 10 रुपए मजदूरी दी जाएगी। (raipur news) वे इसका निर्माण करने के साथ ही इसका विक्रय भी कर सकेंगे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीनिवास राव ने बताया कि 17 जुलाई को हरेली तिहार के पहले गेड़ी उपलब्ध कराया जाएगा। इसे प्रदेश में बड़े ही जोरशोर के मनाया जाता है। खास तौर पर ग्रामीण अंचलों में गेडी़ की डिमांड ज्यादा रहती है। (cg news in hindi) लेकिन डीपो से बांस लाने और उसे बनाने ने परेशनी को देखते हुए वह गेडी़ चढऩे का आंनद नहीं ले पाते है। इसे देखते हुए वन विभाग द्वारा नागरिकों को रेडीमेड गेडी़ उपलब्ध कराई जा रही है।
यह भी पढ़ें

यात्रियों के लिए खुशखबरी… पुरी-उधना के लिए चली स्पेशल ट्रैन, रायपुर- बिलासपुर रुट से होकर गुजरेगी, जानिए डिटेल्स

हरेली है छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्यौहार

हरेली तिहार के साथ गेड़ी चढऩे की परंपरा अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सभी परिवारों द्वारा गेड़ी का निर्माण किया जाता है। बच्चों से लेकर युवा वर्ग के लोग गेड़ी का जमकर आनंद लेते हैं। (cg festival news) गेड़ी चढकऱ ग्रामीण-जन और कृषक-समाज वर्षा ऋतु का स्वागत करता है।
यह भी पढ़ें

CM Politics : सीएम ने दिए संकेत, छत्तीसगढ़ में भी मिल सकता है 500 रुपए में सिलेंडर

वर्षा ऋतु में के दौरान गांवों में सभी तरफ कीचड़ होता है, लेकिन गेड़ी चढकऱ कहीं भी आसानी से आया-जाया जा सकता है। इसका निर्माण दो बांस में बराबरी दूरी पर कील लगाई जाती है। एक और बांस के टुकड़ों को बीच से दो बराबर भागों में बांटा जाता है। (cg hareli news) इसका बाद उसे रस्सी से फिर से जोड़कर पैरदान बनाया जाया है। (cg hindi news) इसे लंबाई में पहले काटे गए दो बांसों में लगाई गई कीलों के ऊपर बांध दिया जाता है। इसे चलाते समय गेडी़ से रच-रच की ध्वनि निकलती है।

Hindi News / Raipur / राज्य सरकार हरेली तिहार में पहली बार 30 रुपए प्रति नग बेचेगी गेड़ी, वन विभाग के जरिए होगी बिक्री

ट्रेंडिंग वीडियो