अस्पताल में अफरा-तफरी मची:
हादसे के समय मौके पर घायलों के रोने व दर्द की आवाजें आने लगी। हादसे में ट्रैक्टर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। घायलों को अस्पताल लाया गया, घायलों की चीख-पुकार से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। लोगों की भीड़ जमा हो गई। एक दिन पूर्व पाली कलक्टर नमित मेहता व एसपी गगनदीप सिंगला ने वीसी से सभी अधिकारियों की बैठक कर जातरुओं का ख्याल रखने, वाहनों की स्पीड पर काबू करने, रात में हाइवे पर पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए थे, लेकिन पुलिस ने काम नहीं किया।
नहीं चेती पुलिस, आखिर फिर हादसा:
एक सप्ताह पहले हुए हादसे के बाद भी पुलिस ने ओवरलोड वाहनों को रोकने के लिए किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की। ट्रेलर जो तेज स्पीड में चल रहे थे, उन्हें भी नहीं रोका। रात में पुलिस थानों में सो गई, हाइवे पर जातरुओं को रामभरोसे छोड़ दिया। इससे ये हादसे हुए। हादसे के बाद मौके पर पांच एम्बुलेंस पहुंची। सुमेरपुर थानाधिकारी रामेश्वरलाल भाटी ने अपने वाहनों से घायलों को अस्पताल रवाना किया। देर रात तीन मृतकों की शिनाख्त हो पाई। इनमें कुकड़ी निवासी चंदू भाई पुत्र करणा भाई, नरेश पुत्र गल्लू भाई व राजू भाई पुत्र अनिल भाई की शामिल है। उनके शव सुमेरपुर अस्पताल में रखवाए गए हैं।
फोरलेन पर वन-वे, जातरुओं के ट्रैक्टर से टकराया ट्रेलर, चार की मौत
मृतकों व घायलों की संख्या ने उलझाया:
देर रात तक मृतकों व घायलों की संख्या को लेकर पाली व सिरोही जिले के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी उलझे हुुए रहे। घायलों व मृतकों को अलग-अलग अस्पतालों में ले जाने से असमंजस की स्थिति बनी रही।
पत्रिका अपील:
– जातरुओं के कपड़ों पर लगाए जाएं रिफलेक्टर रिबिन
– जातरुओं की सड़क पर भीड़ को देखते हुए पुलिसबल हों तैनात
– जातरुओं की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग गश्त के अतिरिक्त दश्ते बढाएं
– वाहनों की गति धीमी रखने के लिए यातायात महकमा करें कड़ी कार्रवाई
– रामदेवरा जातरुओं को लगातार ध्वनि प्रसारण से दी जाए हिदायत