
mahabharat war
Krishna Janmashtami 2022 : आज पूरे देश में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। प्रति वर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। महाभारत के भीषण युद्ध के बारे में वैसे तो सभी जानते है। लेकिन आज भी महाभारत के युद्ध से जुड़े ऐसे कई रहस्य हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग ही जानते है। इनमें से एक यह भी है कि महाभारत का युद्ध आखिर कुरुक्षेत्र में ही क्यों हुआ था। किसी और जगह क्यों नहीं। आइए जानते है इस रहस्य के बारे में।
महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र में हुआ था
भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश भी कुरुक्षेत्र में ही दिया था। महाभारत ख़त्म हो गई, लेकिन इसका ज़िक्र आज भी होता रहता है। धर्म और अधर्म की लड़ाई के कई क़िस्से रहस्य बने हुए हैं। उनमें से एक है श्रीकृष्ण ने महाभारत के युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र को ही क्यों चुना।
यह भी पढ़ें- श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र को ही महाभारत युद्ध के लिए क्यों चुना, क्या है कुरूक्षेत्र का रहस्य?
क्या है कुरुक्षेत्र का रहस्य
ऐसा कहा जाता है कि महाभारत युद्ध कौरवों और पांडवों के बीच लड़ा गया था। इसमें भीषण युद्ध में लाखों.करोड़ों योद्धाओं ने अपनी जान गंवाई थी। इस युद्ध के लिए भूमि ढूंढने का जिम्मेदारी भगवान श्रीकृष्ण को दी गई थी। कौरवों और पांडवों के बीच होने वाले युद्ध के लिए श्रीकृष्ण को एक ऐसी ज़मीन की जरूरत थी जिसका इतिहास काफ़ी भयानक रहा हो। वो जानते थे कि ये युद्ध भाइयों और घनिष्ठ लोगों के बीच होने वाला था। रणभूमि में अपनों को मरते देख योद्धाओं के मन में समझौते की भावना पैदा हो सकती थी। इसलिये वो एक ऐसी रणभूमि चाहते थेए जिसका इतिहास क्रोध और द्वेष से भरा हो।
यह भी पढ़ें- खास अंदाज में दें श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं, भेजें बधाई मैसेज और कोट्स
युद्ध के लिए क्यों चुना गया कुरुक्षेत्र
ऐसा कहा जाता है कि भगवान कृष्ण ने ऐसी जमीन को खोजने के लिए चारों दिशाओं में अपने दूत भेजे। एक दूत कुरुक्षेत्र की जानकारी दी। दूत ने बताया इस स्थान पर बड़े ने अपने छोटे भाई को खेत की मेंढ़ से बहते पानी को रोकने का आदेश दिया। वहीं छोटे भाई ने अपने भाई की बात मानने से इंकार कर दिया। बड़ा भाई क्रोधित हुआ और उसने छूरा लेकर अपने ही भाई की हत्या कर दी। सबसे खास बात उसने अपने ही भाई की लाश को मेंढ़ के पास लगा ताकि पानी का बहाव कम हो सके। दूत की बात सुनकर श्रीकृष्ण ने निश्चित कर लिया कि भाई-भाई के युद्ध के लिये इससे उपयुक्त स्थान हो नहीं सकता। इसलिये उन्होंने महाभारत के युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र को चुना था।
यह भी पढ़ें- कृष्ण जन्माष्टमी पर क्या करें और क्या न करें
Published on:
19 Aug 2022 09:37 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
