
जबलपुर.कोयले की मांग में इजाफा और टैक्स वसूली से केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय के खजाने में 793 करोड़ रुपए से ज्यादा का राजस्व आया है।
जबलपुर@.ज्ञानी रजक.कोयले की मांग में इजाफा और टैक्स वसूली से केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय के खजाने में 793 करोड़ रुपए से ज्यादा का राजस्व आया है। यह अप्रैल के बाद सबसे ज्यादा कर संग्रहण है। इसमें एक अंश त्योहारों पर जमकर हुई खरीदी का भी शामिल है। उद्योग और व्यापार की स्थिति बेहतर होने से बिक्री ज्यादा हुई और उससे सरकार को भी जीएसटी के रूप में भरपूर टैक्स मिला है। इस बीच चालू वित्तीय वर्ष में आयुक्तालय 5475 करोड़ रुपए का राजस्व जुटा चुका है। आगामी चार महीनों में 7 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के पहुंचने का अनुमान है।
जबलपुर में स्थित जीएसटी आयुक्त कार्यालय के अंतर्गत तकरीबन 18 जिले आते हैं। जीएसटी के मुख्य करतादाओं में कोलफील्ड्स कंपनियां हैं। इनमें भी सबसे बड़़ा हिस्सा नॉर्दन कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) का थ। बाकी कोयला कंपनी भी आयुक्तालय की करदाता हैं। हाल में सबसे ज्यादा नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के कोयले की मांग ज्यादा थी। आयुक्तालय की प्रिवेंटिव विंग ने बीते माह कुछ बड़ी कार्रवाई अपने कार्यक्षेत्र में की। टैक्स की रिकवरी के लिए अभियान चलाया गया। पिछले वित्तीय वर्ष (2020-21) में सात हजार 623 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि आयुक्तालय के खजाने में आई थी। नवंबर 2020 तक 4748 करोड़ राजस्व मिला था।
लगातार बढ़ा आंकड़ा
माह-- 2020-21-- 2021-22
अप्रैल 69.9 -- 877.8
मई 480.5 -- 609.75
जून 1015.72 -- 660.14
जुलाई 676.47 -- 662.37
अगस्त 572.7 -- 630.21
सितंबर 597.48 -- 604.54
अक्टूबर 657.61 -- 637.82
नवंबर 678.35 -- 793.2
नोट कर की राशि करोड़ रुपए में
जीएसटी के रूप में आयुक्तालय को अच्छा राजस्व प्राप्त हुआ है। नवंबर माह उपलब्धि भरा रहा। इस दौरान कोलफील्ड्स कंपनियों के कोयले की डिमांड ज्यादा थी।
दिनेश पी. पांगरकर, आयुक्त, केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय जबलपुर
Updated on:
06 Dec 2021 12:10 pm
Published on:
06 Dec 2021 11:55 am
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