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39 फीसदी तक गिरे बैंकों के शेयर
जब से जेट एयरवेज वित्तीय संकट में आया है तब से विमानन कंपनी को कर्ज देने वाले बैंकों के लिए बुरा दौर शुरू हो गया है। उन तमाम बैंकों के शेयरों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है। आंकड़ों की मानें तो जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले 8 बैंकों के शेयरों में बीते एक महीने में गिरावट देखने को मिली है। जिनमें से 7 बैंकों के शेयरों में 13 फीसदी से लेकर से 39 फीसदी के बीच तक की गिरावट देखने को मिली है। आपको बता दें कि जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले बैंकों में सबसे बड़ा नाम देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया है। जिसके शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
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9 बैंकों के कंसोर्टियम ने दिया है जेट को मोटा कर्ज
जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले बैंकों में कुल 9 बैंक शामिल हैं। आंकड़ों की मानें तो इनमें से 8 बैंकों के शेयरों में 01 अप्रैल 2019 से 01 मई 2019 के बीच बड़ी गिरावट देखने को मिली है। जबकि बीएसई के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में इस दौरान 0.41 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। सभी 9 बैंकों में सिर्फ आईसीआईसीआई बैंक ( icici bank ) ही है जिसके शेयर में एक महीने के दौरान 2.26 फीसदी की बढोतरी देखने को मिली है। इसके अलावा इस दौरान यस बैंक के शेयर में सबसे ज्यादा 39.06 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं बैंक ऑफ इंडिया के शेयर 15.70 फीसदी, सिंडिकेट बैंक के 15.22 फीसदी, आईडीबीआई बैंक के 14.फीसदी प्रतिशत, पीएनबी के 13.07 फीसदी, केनरा बैंक के 11.34 फीसदी, इंडियन ओवरसीज बैंक के 8.05 फीसदी और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर 3.90 फीसदी टूटे। आपको बता दें कि बैंकों के इस कंसोर्टियम की सरदारी देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक कर रहा है।
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8 हजार करोड़ रुपए का है जेट एयरवेज पर कर्ज
देश की सबसे पुरानी प्राइवेट एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज पर बैंकों का मिलाकर 8 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। वित्तीय संकट से जूझ रही जेट एयरवेज लेंडर्स को कर्ज लौटाने में पूरी तरह से विफल रही है। 17 अप्रैल को जेट एयरवेज का ऑपरेशन अस्थाई रूप से इसलिए बंद करना पड़ा था क्योंकि कंपनी के पास जरूरी रुपयों का इंतजाम नहीं था। यहां तक कि ऑयल की कंपनियों की ओर से जेट एयरवेज को एयर टरबाइन फ्यूल ( ATF ) तक देने से इनकार कर दिया था। जिसकी वजह से एयरलाइन में काम कर रहे 20 हजार कर्मचारियों की नौकरी पर संकट आ गया। आपको बता दें कि कई कर्मचारियों ने दूसरी एयरलाइंस में अप्लाई कर दिया है तो कुछ ने ज्वाइन भी कर लिया है। वहीं दूसरी ओर बैंकों का कंसोर्टियम ने अपना कर्ज वसूल करने के लिए एयरलाइन की हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जेट का हिस्सा खरीदने के लिए चार एयरलाइन ने इच्छा भी जाहिर की है। बोली प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है और 10 मई तक सफल बोलीदाता के नाम की घोषणा होने की उम्मीद है।
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