वित्त मंत्री सीतारमण बेंगलुरु में छात्रों से मिली (Nirmala Sitharaman)
वित्त मंत्री सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बेंगलुरु में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने धन का प्रबंधन इस प्रकार से किया है कि करदाताओं के पैसे का उपयोग परिसंपत्तियों के निर्माण और प्रभावी शासन देने में हो। उन्होंने उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) का उल्लेख किया। यह योजना 2014 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को सभी के लिए सुलभ बनाना था। आज इस योजना के तहत 52.3 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जिससे आर्थिक समावेशन को बढ़ावा मिला है और समाज के हाशिए पर खड़े लोगों को औपचारिक वित्तीय तंत्र में शामिल किया जा सका है। ये भी पढ़े:- खुल गया 2200 करोड़ का आईपीओ पैसे लगाने से पहले, जान लें ये जरुरी बात डिजिटल माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच
वित्त मंत्री ने नागालैंड के एक छोटे से एनजीओ का उदाहरण भी दिया, जो आज डिजिटल तकनीक के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में सक्षम हो गया है। उन्होंने बताया कि इस एनजीओ द्वारा बनाए गए हाथ से बने उत्पाद, जैसे कुशन कवर और चाय कोस्टर, अब अमेरिका के बाजार में बिक रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल क्रांति का ही प्रभाव है कि छोटे और दूरस्थ क्षेत्रों के कारीगर भी अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर प्राप्त कर रहे हैं। नागालैंड के इस एनजीओ की सफलता ने साबित किया है कि डिजिटल क्रांति की कोई सीमा नहीं है और इसका लाभ देशभर की छोटी इकाइयों तक पहुंच रहा है।
वित्त मंत्री ने किया जन धन योजना की चर्चा
प्रधानमंत्री जन धन योजना के बारे में बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इसने वित्तीय समावेशन को एक नई दिशा दी है और आम जनता को वित्तीय सुरक्षा का एहसास दिलाया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि जनता का पैसा विकास कार्यों में लगे और इससे लोगों की जीवनशैली में सुधार हो।
डिजिटलाइजेशन लोगों को बड़ी सुविधा
निर्मला सीतारमण ने कहा कि डिजिटल युग ने न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया है, बल्कि इसे सुगम भी बनाया है। इससे पहले लोग बैंकिंग सेवाओं के लिए दूसरों पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब अधिकांश लोग अपने स्मार्टफोन के माध्यम से वित्तीय सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। Nirmala Sitharaman कहा कि सरकार का प्रयास है कि डिजिटल और आर्थिक क्रांति का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे, ताकि भारत एक समृद्ध और सशक्त राष्ट्र बन सके। इस प्रकार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार जनता से एकत्र किए गए हर एक रुपये का सही उपयोग कर रही है, ताकि न केवल देश की आर्थिक स्थिति में सुधार हो, बल्कि इसका लाभ सीधे-सीधे आम जनता तक पहुंचे। ये भी पढ़े:- भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी घटी, 12 साल के निचले स्तर पर पहुंची विभिन्न योजनाओं से हर क्षेत्र को लाभ
वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) का भी जिक्र किया, जो आर्थिक समावेशन का एक बड़ा उदाहरण है। इस योजना के तहत 52.3 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए, जिससे देश के हाशिए पर खड़े लोगों को वित्तीय तंत्र (Nirmala Sitharaman) में शामिल किया गया और उन्हें बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिल सका। सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि यह प्रयास केवल वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे देश के आर्थिक ढांचे को मजबूत करने में भी योगदान मिला है।