Social Anxiety Disorder: कुछ लोगों को अलग-अलग आपसी या सामाजिक परिस्थितियों में घबराहट या असहजता महसूस होती हैं। यह सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं कि इसके पीछे कौन-कौन से कारण होते हैं और कैसे हम बचाव कर सकते हैं।
Social Anxiety Disorder Causes In Hindi: आज के बिजी लाइफस्टाइल में लोगों से मिलना-जुलना, उनसे बातें करना बेहद जरूरी होती है, लेकिन कुछ लोगों को भीड़ या नए लोगों से मिलने में उनसे बात करने ने काफी घबराहट सी होती है। ऐसे लोग दूसरों से बात करने से बचते हैं और आत्मविश्वास की कमी महसूस करते हैं। सोशल एंग्जाइटी से परेशान लोग जॉब में मीटिंग, पार्टी या किसी सोशल इवेंट में जाने से कतराते हैं। वे अपने मन में कई तरह की चिंताएं पाल लेते हैं, जिससे उनकी घबराहट और बढ़ जाती है।
अगर आपको लोगों से मिलने-जुलने में घबराहट होती है या किसी भी सामाजिक माहौल में बेचैनी महसूस होती है तो हो सकता है कि आप सोशल एंग्जाइटी का सामना कर रहे हों। यह चिंता की बात नहीं है, क्योंकि इसे सही तरीकों से कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं, इसके कारण और आसान बचाव के तरीके के बारे में जिससे आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं।
परिवार से जुड़ी वजहें
सोशल एंग्जाइटी का एक बड़ा कारण परिवार की पीढ़ी होती हैं। अगर आपके परिवार में किसी को सोशल एंग्जाइटी की समस्या पहले से रही है तो यह हो सकता हैं कि आपके अगली पीढ़ी में भी इसके लक्षण दिखें।
बचपन के कुछ अनुभव
बचपन में नेगेटिव एक्सपेरिएन्सेस, जैसे माता-पिता का ज्यादा सख्त होना, स्कूल में मजाक उड़ाया जाना या दूसरों से कम आंका जाना ऐसी स्थिति सोशल एंग्जाइटी को बढ़ाने का कारण बन सकता है।
मस्तिष्क की बनावट
हमारे दिमाग में एक भाग एमिग्डाला डर को नियंत्रित करता है। जब यह ज्यादा सक्रिय होता है तो व्यक्ति को सामाजिक स्थितियों में ज्यादा डर और चिंता महसूस होती है।
न्यूरोट्रांसमीटर असंतुलन
ब्रेन में सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के असंतुलन से व्यक्ति अधिक चिंता और डर महसूस करने लगते है। यह सोशल एंग्जाइटी के प्रमुख कारणों में से एक हो सकता है।
बुरी यादों का असर
सोशल एंग्जाइटी का एक कारण बार-बार बुरी आदतों का सोचना भी माना जाता हैं। ऐसे व्यक्ति अपने अतीत के बारे में, किसी सामाजिक माहौल में बुरी या शर्मनाक घटना के वजह से भी काफी परेशान होते हैं।
खुद पर भरोसे की कमी
जब व्यक्ति को खुद पर भरोसा नहीं होता या वह हमेशा यह सोचता है कि लोग उसे जज करेंगे या उसके बारे में क्या सोचेंगे तो ऐसे लोग दूसरों से मिलने-जुलने में घबराने लगते है।
छोटी शुरुआत करें
अगर भीड़ में जाने से डर लगता है तो छोटे समूहों में बातचीत से शुरुआत करें। धीरे-धीरे खुद को ज्यादा लोगों से मिलने की आदत डालें।
सकारात्मक सोच अपनाएं
खुद को बार-बार याद दिलाएं कि आपको घबराने की जरूरत नहीं है। जब भी कोई निगेटिव सोच आए तो उसे बदलकर पॉजिटिव सोचने की कोशिश करते रहे।
गहरी सांस लें
सोशल एंग्जाइटी से घबराहट होने पर आप गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ें। यह आपकी चिंता को तुरंत कम कर सकता है।
छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं
सोशल एंग्जाइटी से बचने के लिए आप रोज एक नया सामाजिक चैलेंज लें, जैसे किसी से हेलो बोलना, फोन पर बात करना या किसी ग्रुप डिस्कशन में शामिल होना। ऐसे करने से आपको तुरंत राहत मिल सकती हैं।
योग और मेडिटेशन करें
सोशल एंग्जाइटी से बचाव के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है- योग और मेडिटेशन। ऐसा करने से दिमाग शांत रहता है और चिंता कम होती है।