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सिद्धि और साध्य योग में मनेगी बसंत पंचमी

-विशेष फलदायी होगी मां सरस्वती की आराधना, पांच फरवरी को है बसंत पंचमी

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सिद्धि और साध्य योग में मनेगी बसंत पंचमी

सिद्धि और साध्य योग में मनेगी बसंत पंचमी

भरतपुर. विद्यादाती मां सरस्वती की आराधना का पर्व बसंत पंचमी पांच फरवरी को मनाया जाएगा। उत्साह, उमंग व भक्ति का यह महापर्व इस बार सिद्धि और साध्य योग में मनाया जाएगा। सुबह से शाम तक सिद्धि योग विराजमान रहेगा। इसके बाद देर शाम से साध्य योग रहेगा। शाम को रवि योग का भी आगमन होगा। साल के सिद्ध मुहूर्त में यह मुहूर्तभी शामिल होता है। इसलिए शादियों के भी योग विद्यमान रहेंगे। बसंत पंचमी के स्वागत की तैयारियां शुरू हो गईहैं।
पं.मनु मुदगल ने बताया कि बसंत पंचमी पर श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण कर वेद मंत्रों के साथ विद्यादाती मां सरस्वती की आराधना करेंगे। मंदिरों और घरों में भी विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। इस बार बसंत पंचमी का पर्व कई शुभ संयोगों में मनाया जाएगा। बसंत पंचमी पर स्कूल, संस्कृत पाठशालाओं, आश्रमों में वेद पूजा, सरस्वती पूजा होगी। वहीं मंदिरों में भी विशेष कार्यक्रम किए जाएंगे। बसंत पंचमी का पर्व साल में आने वाले स्वयंसिद्ध मुहूर्तों में से एक माना जाता है। इसलिए इस दिन शादियों का विशेष मुहूर्त होता है और इसमें जमकर शादियां होती है। पिछले साल बसंत पंचमी पर शुक्र अस्त होने के कारण इस अबूझ मुहूर्त पर शादियों के योग नहीं थे, क्योंकि विवाह कार्यों के लिए गुरू और शुक्र दोनों का उदित होना जरूरी है। इस बार इस महामुहूर्त पर इस तरह का कोई विघ्र नहीं है। इसलिए इस दिन जमकर शादियां होंगी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण इसमें कुछ कमी आ सकती है।

तीन शुभ योगों का रहेगा संयोग

पं. राममोहन शर्मा ने बताया कि वसंत पंचमी पर तीन शुभ योग विद्यमान रहेंगे। सुबह से शाम पांच बजकर 42 मिनटतक सिद्धि योग रहेगा। इसके बाद साध्य योग की शुरुआत होगी। इसी प्रकार शाम चार बजकर नौ मिनट से रवि योग का आगमन होगा। धर्मग्रंथों के अनुसार बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती प्रकटहुईथी और समस्त देवी-देवताओं ने मां सरस्वती की स्तुति की थी। इसलिए यह पर्वमां सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। विद्या आरंभ करने अथवा किसी नईकला की शुरुआत करने के लिए यह दिन शुभ माना जाता है।

खरीदारी के लिए शुभ दिन

बसंत पंचमी अबूझ मुहूर्तकी श्रेणी में आता है। इस बार बसंत पंचमी पर उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, मीन का चंद्र रहेगा। साथ ही मकर का सूर्य रहेगा। यह दिन सभी प्रकार की खरीदारी और शुभ कार्यों के लिए काफी उत्तम माना गया है। इसलिए इस दिन खरीदारी करना भी शुभ माना जाता है। इस दिन भूमि, भवन, वाहन, आभूषण सहित सभी प्रकार की खरीदारी करना श्रेष्ठरहेगा। इसके साथ ही विवाह के लिए भी यह दिन शुभ रहेगा। वैसे तो यह विवाह के लिए शुभ माना ही गया है, साथ ही इस दिन पंचागगत मुहूर्त भी काफी श्रेष्ठ है।

यह है शुभ मुहूर्त

पंचमी तिथि का प्रारंभ

-शनिवार सुबह 3.47 बजे से

पंचमी तिथि का समापन

-रविवार को सुबह 3.46 बजे तक

शुभ मुहूर्त: दोपहर 12.13 बजे से दोपहर 12.57 बजे तक

सरस्वती पूजा के लिए मुहूर्त: पांच फरवरी को सुबह 7.07 बजे से लेकर दोपहर 12.35 बजे तक

बसंत पंचमी के दिन रवि योग: शाम 4.09 बजे से अगले दिन सुबह 7.06 बजे तक

सिद्ध योग: पांच फरवरी को शाम पांच बजकर 42 मिनट तक