बारां

सरकारी जांच को नहीं मान रहे व्यापारी, खुद की मशीन से जांच रहे नमी, किसानों में आक्रोश

किसान ढेरी में से कई नमूने लिए जाने का विरोध कर रहे हैं। लेकिन मंडी प्रशासन इस मामले में कोई सार्थक पहल नहीं कर पा रहा है।

बारांJan 17, 2025 / 11:33 pm

mukesh gour

किसान ढेरी में से कई नमूने लिए जाने का विरोध कर रहे हैं। लेकिन मंडी प्रशासन इस मामले में कोई सार्थक पहल नहीं कर पा रहा है।

कृषि उपज मंडी में करीब आधा दर्जन लगी है मॉइश्चर जांच की निजी मशीनें

बारां. कृषि उपज मंडी में बिक्री के लिए लाई गई सरसों की नीलामी से पूर्व नमी जांचने के मामले को लेकर किसानो में आक्रोश गहराता जा रहा है। किसान ढेरी में से कई नमूने लिए जाने का विरोध कर रहे हैं। लेकिन मंडी प्रशासन इस मामले में कोई सार्थक पहल नहीं कर पा रहा है।
कृषि उपज मंडी में किसानों द्वारा बिक्री के लिए लाई गई सरसों की नीलामी व्यापारी उसमें मॉइश्चर की मात्रा देखकर करते हैं। हालांकि मॉइश्चर की जांच के लिए कृषि उपज मंडी के कार्यालय में मशीन भी लगाई हुई हैं। लेकिन व्यापारी उस मशीन की जांच को नही मानकर स्वयं की मशीन में जांच करवाते हैं। इसके चलते किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जांच के नाम पर ढेरी से उठा लेते हैं सरसों

कृषि उपज मंडी में सरसों व्यापारियों ने मॉइश्चर जांच के लिए आधा दर्जन निजी मशीनें लगा रखी हैं। इसके चलते किसान की एक ढेरी से तीन-चार किलों सरसों नमूने के नाम पर व्यापारियों द्वारा उठा ली जाती है। इससे किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
सरकारी मशीन पर निशुल्क होती है जांच

कृषि उपज मंडी कार्यालय में सरसों की मॉइश्चर की निशुल्क जांच के लिए मशीन लगाई हुई है। जिस पर इन दिनों करीब दो दर्जन से अधिक नमूनों की जांच प्रतिदिन हो रही है। वहीं सीजन में यह संख्या सैकड़ों में पहुंच जाती है। इस कार्य को करने वाले कर्मचारी सुरेन्द्र राठौर ने कहा कि यहां पर करवाई गई सरसों की जांच को ही माना जाता है। व्यापारी इसकी जांच को लेकर संदेह जताते है, यह उचित नहीं है।
किसान महापंचायत ने जताया विरोध

किसान महापंचायत के प्रदेश संयोजक सत्यनारायण ङ्क्षसह ने कहा कि कृषि उपज मंडी में व्यापारियों द्वारा किसानों की सरसों की ढेरी से सेम्पल लिया जाना किसी भी सूरत में उचित नही है। ऐसी लूट को किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे। जो भी माल है, जैसा भी है। सामने ढेरी लगा दी जाती है। उसकी नीलामी करवाना मंडी प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि सेम्पल लेने की प्रथा पर अंकुश नहीं लगाया गया तो महापंचायत को कठोर रुख अपनाना पड़ेगा।
मंडी में जांची सरसों के नहीं लगाए भाव

कृषि उपज मंडी में गुरुवार को विजयपुर का किसान बृजराज यादव एक ट्रॉली भरकर सरसों बेचने के लिए लाया था। उसने कृषि उपज मंडी की मॉइश्चर जांच मशीन पर जांच करवाकर रसीद भी प्राप्त कर ली थी। लेकिन उसकी ढेरी में से कई मुनीम जांच के नाम पर सरसों लेने आए तो उसने मना कर दिया। इसके चलते बाद में नीलामी के दौरान यह कहते हुए की उसने मंडी कार्यालय में जांच करवाई है, उसकी सरसों की ढेरी के भाव ही नहीं लगाए गए। बाद में किसान ने ढेरी को वापस ट्रॉली में भरकर खड़ी करवानी पड़ी। अब किसान ने कहा कि व शनिवार को वापस ढेरी लगाएगा। यदि फिर भी भाव नही लगे तो वह कोटा मंडी में सरसों बेचने के लिए ले जाएगा।
मंडी में व्यापारियों द्वारा किसानों की ढेरी से सरसों की जांच के नाम पर लिए जाने वाले सेम्पल उचित नही है। इस मामले में व्यापार मण्डल तथा क वर्ग व्यापार संघ के अध्यक्ष को पत्र लिखकर अवगत करवाया गया है। यदि कोई व्यापारी किसान की ढेरी से सेम्पल लेते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ मंडी प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हरिमोहन बैरवा, सचिव, कृषि उपज मंडी, बारां

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