अयोध्या

राम मंदिर आंदोलन की गाथा सुनाएगीं अयोध्या की गलियां- विहिप की मांग

राम मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग को स्वर्गीय कल्याण सिंह के नाम से बनाए जाने की घोषणा के साथ अयोध्या अन्य मार्गों को भी मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों को समर्पित करने की मांग विश्व हिंदू परिषद ने उठाई है।

अयोध्याAug 23, 2021 / 03:50 pm

Satya Prakash

राम मंदिर आंदोलन की गाथा सुनाएगीं अयोध्या की गलियां- विहिप की मांग

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
अयोध्या. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम से राम मंदिर के मुख्य मार्ग को बनाए जाने की घोषणा का स्वागत करते हुए विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने एक और बड़ी मांग कर दी है उनके मुताबिक राम मंदिर में अपने जीवन को चार्ज करने वाले कई महापुरुषों सभी के नाम से अयोध्या के अन्य सड़कों भवनों का नामकरण किया जाए साथ ही स्मृति चिन्ह भी स्थापित हो। इस मंदिर आंदोलन की स्मृतियों की गाथा अयोध्या की हर गलियां बताएं।
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विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा पूर्व राज्यपाल राम भक्त कल्याण सिंह जी के नाम पर श्रीराम जन्मभूमि संपर्क पथ का नामकरण किया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी द्वारा की गई घोषणा का श्री राम भक्त स्वागत अभिनंदन करते हैं। स्वर्गीय कल्याण सिंह जी के योगदान को विस्मृत नहीं किया जा सकता। सत्ता की कुर्सी पर बैठकर भी उन्होंने भरत जैसा त्याग प्रस्तुत किया,ऐसे त्यागी महापुरुष के नाम पर सड़क का नामकरण उनको श्रद्धांजलि ही है। यह श्रीराम जन्मभूमि संपर्क पथ वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को कल्याण सिंह जी का स्मरण कराता रहेगा।
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वहीं उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद जी से श्री राम भक्तों साधु-संतों की ओर से व्यक्तिगत आग्रह है कि अयोध्या से जुड़े हुए उन महापुरुषों को भी हमें स्मरण कर सम्मान देना चाहिए जिन्होंने लगातार धार्मिक सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन मूल्यों की रक्षा के साथ श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति दी ऐसे महापुरुषों में प्रथम तो वह अयोध्या में बलिदान हुए कारसेवक हैं जिन्होंने 30 अक्टूबर 2 नवंबर 1990 को अपना प्राण त्यागा, इसके अलावा श्रीराम जन्म भूमि के धर्म योद्धाओं में प्रतिवाद भयंकर दिगंबर अनी के पूर्व श्रीमहंत श्रीराम जन्म भूमि न्यास अध्यक्ष परमहंस रामचंद्र दास जी महाराज, श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के पूर्व अध्यक्ष गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ जी महाराज विश्व हिंदू परिषद के पूर्व संरक्षक अध्यक्ष स्वर्गीय श्री अशोक सिंघल जी, स्वर्गीय केके नैयर तथा ठाकुर गुरुदत्त सिंह जैसे सम्मिलित हैं। वैसे तो श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण ही उनके संकल्प और स्वप्न को साकार करने वाला है यही उनको श्रद्धांजलि भी है, लेकिन जिस प्रकार से देश की स्वतंत्रता के लिए अनेक महापुरुषों ने अपने प्राणों को न्योछावर किया उनके सम्मान में तरह-तरह के आयोजन भवनों और सड़कों का नामकरण किया गया ठीक उसी प्रकार से इन सामाजिक एवं धार्मिक स्वतंत्रता के लिए संघर्षरत महापुरुषों को सम्मान मिलना चाहिए। हमें पूर्ण विश्वास है की वर्तमान सरकार सामाजिक सांस्कृतिक जीवन मूल्यों से जुड़े हुए कार्यों के प्रति जहां प्रतिबद्ध संकल्प बंद है। वही अपने महापुरुषों के प्रति भी नतमस्तक है। वह अवश्य इस पर अवश्य ध्यान देगी।

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