इधर बूंदाबांदी व मावठ की उम्मीद से किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान नजर आई। किसानों का कहना है कि बारिश हुई तो सरसों में किसी प्रकार का रोग नहीं लगेगा। चेपा धुल जाएगा और फसल की भी सिंचाई हो जाएगी। इन दिनों खेतों में सरसों की फसल परवान पर है। पीले फूलों से पौध लदी हुई है और उनमें फली लगने लगी है। यदि बारिश नहीं और कोहर ही छाया तो सरसों में चेपा रोग लगने की संभावना बढ़ जाएगी। हालांकि गेहूं, जौ, चना सहित रबी की अन्य जिंसों में सर्दी से फायदा होगा। कृषि अधिकारियों की सलाह है कि फसल को चेपा रोग एवं पाले से बचाने के लिए अपने खेतों की मेड़ पर घास-पूस जालकर धुआं करें और कीटनाशक दवा का छिड़काव भी करें। सर्दी से बचाव के दिनभर लोग कई जतन करते नजर आए। किसी ने अलाव जलाया तो सरकारी व निजी कार्यालयों में हीटर का सहारा लिया। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे रहे।
…………………… बारिश से भीगी सड़कें कोठिनारायणपुर(राजगढ़). शहर सहित आसपास के ग्रामीण आंचल में बुधवार सुबह से ही कोहरे का असर देखने को मिला। विजिबिलिटी 25 मीटर रही। शाम 4 बजे बरसात आई। करीब 40 मिनट पानी बरसा। जिससे किसान खुश हो गए। किसानों ने बताया कि बुधवार को हुई मावठ से रबी की फसल को लाभ मिलेगा।
………… बरसात से सर्दी ने दिखाए तेवर अकबरपुर. क्षेत्र में सुबह कोहरा छाया रहा। शाम के समय हुई बरसात ने सर्दी बढ़ा दी। दिनभर बादल छाए रहे और दोपहर बाद रिमझिम बरसात प्रारंभ हो गई। रबी की फसल में काफी फायदा होगा। सर्दी बढ़ने के साथ लोग अलाव तापते नजर आए। मौसम में परिवर्तन से ठिठुरन छूट रही है। बरसात आने से ज्यादा सर्दी पड़ रही है।
……………. सूर्य देव के दर्शन नहीं हो पाए राजगढ़. कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में बुधवार सुबह से ही बादल व कोहरे के छाए रहने से सूर्य देव के दर्शन नहीं हो पाए। दोपहर को रिमझिम बारिश का दौर शुरू हुआ जो करीब एक घंटे तक चलता रहा। कड़ाके की सर्दी से बचाव के लिए लोग अलाव जलाकर कर तापते दिखाई दिए। कोहरे के चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम को बारिश के चलते ठिठुरन व कड़ाके की सर्दी से जनजीवन प्रभावित हो गया।
…………. घना कोहरा छाया सकट. कस्बा सहित आसपास के क्षेत्र में सुबह घना कोहरा छाया। दोपहर में धूप निकली। शाम को रिमझिम बारिश हुई। जिससे ठिठुरन बढ़ गई। बारिश होने से शादी-समारोह वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।