
JLN hospital ajmer
अजमेर. संभाग मुख्यालय के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में तैयार हो रही आपातकालीन इकाई में अत्याधुनिक उपकरण में सुविधाओं के बाद गंभीर मरीजों को जल्द एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। आपातकालीन इकाई के पूर्ण तैयार होने के बाद गंभीर घायल व मरीजों को स्ट्रेचर/ ट्रॉली में ही ज्यादा देर इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
करीब साढ़े चार करोड़ की लागत से सभी सुविधाओं से युक्त आपातकालीन इकाई में वे सभी इंतजामात होंगे जो गंभीर मरीज की लाइफ को सपोर्ट करते हैं। यही नहीं एक ही छत के नीचे एक्स-रे, सोनोग्राफी, ईसीजी, सहित सीटी स्कैन आदि की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। अभी तक सोनोग्राफी व एक्स-रे के लिए कई बार आपातकालीन इकाई से दूर ले जाना पड़ता था। इससे मरीज को समय, श्रम व परेशानी से मुक्ति मिलेगी।
चिकित्सकों की केबिन का काम जारी
आपातकालीन इकाई में चिकित्सकों के बैठने के लिए अलग-अलग केबिनें बनाई जा रही हैं। केबिन बनाने के काम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह सभी एल्युमिनियमकी फ्रेम में बनाई जा रही हैं। यही नहीं गंभीर मरीजों के लिए भी अलग से केबिनें बन रही हैं।
वार्ड में एक साथ 60 बैड
आपातकालीन इकाई परिसर में ही 60 बैड का वार्ड तैयार है। इसमें अलग-अलग केबिन में बैड लगाकर मरीज शिफ्ट होंगे। केबिन में ही मरीज भर्ती रहेगा। यहां ऑक्सीजन की सेन्ट्रल लाइन पाइप लाइन बिछाई जा रही है।
आरएएस प्रारंभिक परीक्षा-2018
राजस्थान लोक सेवा आयोग आरएएस प्रारंभिक परीक्षा-2018 की ओएमआर और उत्तर कुंजियों पर मिली आपत्तियों की जांच में जुटा है। विशेषज्ञों की राय पर आपत्तियों का निस्तारण होगा। इसके बाद परिणाम जारी किया जाएगा।
आयोग ने 5 अगस्त को आरएएस प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया था। परीक्षा के लिए प्रदेश में 4 लाख 97 हजार 048 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। 1454 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में 3 लाख 76 हजार 762 अभ्यर्थी शामिल हुए। आयोग ने उत्तरकुंजियों पर 15 अगस्त तक ऑनलाइन आपत्तियां मांगी थी।
Published on:
21 Aug 2018 08:15 am
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