भारत में भी बलात्कार के दुर्लभतम मामलों में फांसी की सजा का प्रावधान है। आइए जानते हैं दुनियाभर में कुछ देशों में रेपिस्टों को दी जाने वाली सजा के बारे में- चीन में रेप के दोषियों को सीधे फांसी की सजा दी जाती है। इसके अलावा कई मामलों में ऐसे दोषियों को बिजली के झटके देकर भी मारा गया है। चीन में रेपिस्टों के प्राइवेट पार्ट को विकृत करने की सजा का भी प्रावधान है। चीन ने कभी भी अपने देश में मौत की सजा पाए लोगों की संख्या का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, माना जाता है कि इस देश में हर साल सैकड़ों लोगों को कई अलग-अलग अपराधों में मौत की सजा दी जाती है।
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सऊदी अरब अपने कठोर कानूनों के लिए जाना जाता है। इस देश में रेप के दोषी को सरेआम चौराहे पर तलवार से गला काट दिया जाता है। इसके अलावा दोषी को पत्थर मारने और फांसी देने का भी प्रावधान है। ये सभी सजाएं जनता के सामने दी जाती है, जिससे लोगों के अंदर जुर्म को लेकर खौफ पैदा होता है। इतना ही नहीं, सऊदी अरब चोरी के दोष में अपराधी का हाथ तक काट देता है। इस सजा को लागू करने के लिए सऊदी अरब में इस्लामिक पुलिस बड़ी भूमिका निभाती है।
इराक में रेप के दोषियों को काफी निर्मम तरीके से मौत की सजा दी जाती है। सद्दाम हुसैन के कार्यकाल के दौरान कई रेपिस्टों को पत्थर मारकर मौत की सजा दी गई थी। इसमें दोषियों को तबतक पत्थर मारा जाता है, जबतक उनकी मौत न हो जाए। अपराधियों के दिलों में खौफ पैदा करने के लिए पत्थर मारने वालों में पीड़ित के परिवारवालों और आम लोगों को भी शामिल किया जाता है।
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किम जोंग उन के शासन वाले उत्तर कोरिया में रेप का जुर्म साबित होने के बाद सीधे मौत की सजा दी जाती है। इसके लिए दोषियों को तत्काल सेना के फायरिंग स्कॉड के सामने पेश किया जाता है। जहां उन्हें रायफल या एंटी एयरक्राफ्ट गन से भून दिया जाता है। एंटी एयरक्राफ्ट गन से तो अपराधियों के शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो जाते हैं। कुछ मामलों में तो उत्तर कोरिया में रेपिस्टों को सरेआम सिर में गोली मार दी जाती है।
अमरीका में भी रेपिस्टों को मौत की सजा देने का प्रावधान है। इस देश में दो तरह के कानून हैं। पहला स्टेट लॉ (राज्य का कानून) और दूसरा फेडरल लॉ (केंद्र का कानून)। अगर रेप के केस की सुवनाई फेडरल लॉ के अंतर्गत होती है तो रेपिस्ट को 30 साल की सजा दी जा सकती है। वहीं, स्टेट यानी राज्य के कानून हर राज्य में अलग-अलग हैं।