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शैक्षणिक सेवा में उत्कृष्टता के लिए प्रधानाचार्य डॉ हरेंद्र राय को राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

सनातन धर्म इंटर कॉलेज के हैं प्रधानाचार्य, 17 सालों में कॉलेज को शिक्षा क्षेत्र में पहुंचाया बुलंदियों पर।  

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सनातन धर्म इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. हरेंद्र राय

डॉ हरेंद्र राय

वाराणसी. मूल रूप से चंदौली जिले के रहने वाले डॉ हरेंद्र राय को इस वर्ष पांच सितंबर, शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सम्मानित करेंगे। इस अति प्रतिष्ठित पुरस्कार को हासिल करने के लिए डॉ राय अब से कुछ देर बाद दिल्ली के लिए उड़ना भरने वाले हैं। उन्होंने पत्रिका से खास बातचीत में बताया कि विद्यालय परिवार जिसमें शिक्षक, कर्मचारी और छात्र सभी आते हैं उन्हें ही इस उपलब्धि का श्रेय देना चाहते हैं। समूचे विद्यालय परिवार के प्रयास से ही विद्यालय का नाम रोशन हुआ। शिक्षा के साथ खेल, विज्ञान सहित अन्य सभी विधाओं में विद्यालय के विद्यार्थियों ने परचम लहराया। उन्होंने कहा कि मैने अपने जीवन का एक ही लक्ष्य तय किया शिक्षा और शिक्षार्थी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर देना। उसी उद्देश्य से काम करता रहा हूं। बताया कि यह प्रेरणा अपने बड़े पिता जी प्रो. पूर्णमांसी राय से मिली जो पहले बनारस हिंदू विश्वविद्यालय फिर मगध विश्वविद्याय बोध गया में हिंदी के प्रवक्ता, रीडर, हेड व कला संकाय के डीन रहे। उन्हीं के संरक्षण में मैने उच्च शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने जो दीक्षा दी उसको अपने जीवन में उतारने का प्रयास किया जो निरंतर जारी है। उनके अलावा बड़े भाई मगध विश्वविद्यालय में प्रोफेसर देवदत्त राय का भी मेरे व्यक्तित्व निर्माण में प्रमुख योगदान है।

डॉ राय ने पत्रिका को बताया कि उन्होंने प्राथमिक शिक्षा अपने पैत्रिक गांव चंदौली के राष्ट्रीय इंटर कॉलेज कमालपुर में हासिल की। 1978 में इंटरमीडिएट किया उसी वक्त घर में बड़ा हादसा हुआ। एक डकैती में पिता की मृत्यु हो गई। उसके बाद बड़े पिता जी मुझे लेकर बोध गया चले गए। वहीं मैने बीए, एम और पीएचडी की डिग्री हासिल की। फिर 1984 में उसी राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, कमालपुर में प्रवक्ता हो गया और 1999 तक बतौर प्रवक्ता वहीं कार्यरत रहा। 2001 में आयोग से प्रधानाचार्य के रूप में चयनित हो कर सनातन धर्म इंटर कॉलेज आया, तब से विद्यालय को ही अपना परिवार मान कर जी रहा हूं। बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, उन्हें अनुशासन का पाठ पढ़ाया जाए। नैतिक मूल्यों की दीक्षा दे कर इंसान और श्रेष्ठ नागरिक बनया जाए इसी कोशिश में लगा हूं निरंतर। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए स्कूल कॉलेज साधना की तपस्थली है। अध्यापन कार्य तपश्चर्या है। हर शिक्षक व प्रधानाचार्य को चाहिए कि वह विद्यार्थियों को वात्सल्यजनित स्नेह देते हुए ईमानदारी के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करे। इसी से राष्ट्र का मान बढ़ेगा साथ ही वह भी पूर्व की तरह पूजनीय होंगे।

प्रधानाचार्य ने बताया कि राष्ट्रपति सम्मान मिलने की खुशी बेइंतहा है। इसके लिए मुझे रविवार की सुबह नौ बजे तक दिल्ली के विज्ञान भवन में रिपोर्ट करना है जिसके लिए निकल रहा हूं। लेकिन काशी छोड़ने से पूर्व मैने सबसे पहले महामना मदन मोहन मालवीय जी का दर्शन किया। उनका आशीर्वाद लिया। मालवीय जी हम सभी के प्रेरणा स्त्रोत हैं। हर एक शिक्षक को महामना से प्रेरणा लेनी ही चाहिए। बता दें कि डॉ राय सनातन धर्म इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य तो हैं ही साथ में सात साल से वह जिला व मंडल स्तर की विभिन्न खेलकूद संघ के सचिव हैं। इसके अलावा सामाजिक क्षेत्र में भी उनका प्रमुख योगदान रहता है। गंगा समग्र संस्था के माध्यम से गंगा सेवा में भी निरंतर लगे है, साथ ही केशव बाल पुस्तकालय के अध्यक्ष के तौर पर गरीब छात्रों के लिए हर साल निःशुल्क पठन-पाठन की सुविधा मुहैया कराते रहते हैं। वह बीजेपी के टिकट पर 2012 में चंदौली के सैयदराज विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं।

शैक्षणिक सेवा में उत्कृष्टता के लिए प्रदेश के 15 बेसिक और 10 माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को वर्ष 2016 के राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। इन शिक्षकों को पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सम्मानित करेंगे। बेसिक शिक्षा के जिन 15 शिक्षकों का राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन हुआ है, उनमें दो विशिष्ट श्रेणी के हैं। वहीं माध्यमिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजे जाने वाले शिक्षकों में विशिष्ट श्रेणी के लिए एक और संस्कृत शिक्षा के लिए दो अध्यापकों को चुना गया है।

पूर्वांचल के इन शिक्षकों को मिलेगा राष्ट्रपति सम्मान
केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रलय की वेबसाइट पर जारी 2016 के राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुने गए शिक्षकों की सूची के अनुसार पूर्वाचल के बेसिक शिक्षक अशोक कुमार गुप्ता, सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, साड़ीपुर, भदोही, हरिशंकर शुक्ला, प्रधानाध्यापक, राजा बलदेव दास बिड़ला सोनघटी विद्यालय, सालखन, सोनभद्र, जय प्रकाश रावत, सहायक अध्यापक, जूनियर हाईस्कूल, डेरहावल, चंदौली, लाल चंद गुप्ता, प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, करमसर, सोनभद्र, बेसिक शिक्षक (विशिष्ट श्रेणी) ’जय प्रकाश पांडेय, सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, रेवसा, चंदौली हैं। माध्यमिक शिक्षकों में डॉ.हरेंद्र कुमार राय, प्रधानाचार्य, सनातम धर्म इंटर कॉलेज, वाराणसी, डॉ.कृष्ण मुरारी सिंह, सहायक अध्यापक, आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज, चकिया, चंदौली।

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