
वाराणसी में बटुकों ने गंगा तट पर किया अनोखे अंदाज में हिन्दू नववर्ष का स्वागत
वाराणसी। धर्म की नगरी काशी में हिन्दू नववर्ष का अनोखे तरीके से स्वागत किया गया। बटुकों ने शंकराचार्य घाट पर पारंपरिक वेशभूषा में कदमताल किया और सूर्य की पहली किरण निकलने पर जल अर्पित कर सूर्य नमस्कार किया। इस दौरान काशी के साधू-संतो के साथ आम नागरिक भी गंगा तट पर मौजूद रहे। इस दौरान ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सनातनी पंचांग का विमोचन श्रीविद्या मठ में किया।
बैंड की धुन पर किया कदमताल
श्री विद्या मठ में सनातनी शिक्षा ले रहे बटुकों ने केदराघाट पर हिन्दू नव वर्ष का विधिवत स्वागत किया। सूर्य निकलने से पहले गंगा तट पहुंचे बटुकों ने फूलों से नव वर्ष स्वागत की रंगोली घाट पर बनाई और बैंड पर घाट पर कदमताल किया। इस दौरान बटुकों का कदमताल देख रहे लोगों ने जमकर तालियां बजाई।
सूर्य निकलने पर हुई आरती
नववर्ष पर सूर्य की पहली किरण के निकलते ही बटुकों ने भगवान् भास्कर को जल अर्पित किया। इस दौरान उपस्थित साधू-संतों ने भी बटुकों द्वारा किये जा रहे मंत्रोच्चारण के बीच भगवान् सूर्य को अर्घ्य दिया।
सनातनी हिन्दू पंचांग का हुआ विमोचन
इस दौरान श्रीविद्या मठ में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सनातनी पंचांग का विमोचन किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि आज काशी के केदारघाट के बगल में जहान्वी के तट पर परंपरा के अनुसार का स्वागत किया गया है। ये भारत की विशेषता है कि सृष्टि के काल से ही हम काल की गणना करते आ रहे हैं। एक अरब 95 करोड़ 58 लाख 85 हजार 124 वें वर्ष का आज हम लोग स्वागत कर रहे हैं। दुनिया में सबसे प्राचीन हमारी संस्कृति है। इस बात का गौरव भी हम लोग आज यहां मना रहे हैं।
गुरुकुल के छात्रों ने वर्ष के पहले सूर्य को दिया अर्घ्य
उन्होंने बताया कि इस गुरुकुल में 200 छात्र हैं। ऐसे में सभी ने आज सूर्य को नमस्कार किया है और उन्हें अर्घ्य दिया गया है। आज सभी संतानियों के घर में सनातनी ध्वज नया फहराया गया है। इसके अलावा सनातनी पंचांग का विमोचन भी किया गया है।
Published on:
22 Mar 2023 12:27 pm

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