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पाली ब्लॉक में जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों ने किया दो करोड़ साठ लाख का घोटाला

आयुक्त कोश एवं लेखा के पत्र से हुआ खुलासा, कलेक्टर ने एसडीएम को सौंपी जांच

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आयुक्त कोश एवं लेखा के पत्र से हुआ खुलासा, कलेक्टर ने एसडीएम को सौंपी जांच

आयुक्त कोश एवं लेखा के पत्र से हुआ खुलासा, कलेक्टर ने एसडीएम को सौंपी जांच

जिले में शासकीय राशि के गबन का बड़ा हेरफेर उजागर हुआ है। मामला जनजातीय कार्य विभाग से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक जिले के आदिवासी ब्लॉक पाली में जिम्मेदार अफसरों ने फर्जी अतिथि शिक्षकों एवं मजदूरों के नाम पर दो करोड़ साठ लाख रुपए वेतन का आहरण अपने रिश्तेदारों के खातों में करा दिया। मामले का खुलासा आयुक्त कोष एवं लेखा की निगरानी में हुआ।


बताया गया कि भोपाल में बैठे अफसरों ने पाली ब्लॉक में 24 ऐसे संदिग्ध खातों को पकड़ा है और उनकी सूची भी भेजी है। पूरा कारनामा पाली ब्लॉक में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक , लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटर ने किया गया है। हालांकि जांच में विभाग के और अधिकारियों के नाम भी सामने आएंगे। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने पाली ब्लॉक के एसडीएम अंबिकेश प्रताप सिंह को मामले की जांच सौंपी है जिसके बाद एसडीएम और सहायक कोषालय अधिकारी की टीम शनिवार को पाली स्थित जनजातीय कार्य विभाग के ब्लाक शिक्षा अधिकारी राणा प्रताप सिंह के दफ्तर पहुंची और दस्तावेजों का परीक्षण कर मामले की जांच में जुटी है। मामले में बड़ा हेरफेर सामने आ सकता है। मामले की जांच शुरू हो गई है।


एफएफआइसी ने पकड़ी गड़बड़ी


जन जातीय कार्य विभाग के पाली ब्लाक में हुई गड़बड़ी का खुलासा आयुक्त कोष एवं लेखा के सर्वर एफएफआईसी से हुआ है। सर्वर को 24 खातों में संदेह हुआ और उसके बाद बताया गया कि ये सभी 24 खाते जिम्मेदार अफसरों के परिवार के हैं। यह पूरा खेल 2018 से लेकर 2023 के बीच खेला गया है। इस पूरे मामले में विभाग के बीईओ से लेकर अन्य अधिकारियो के संलिप्त होने की आशंका है और जांच के बाद इसमें गड़बड़ी की राशि और अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।

दस्तावेज जब्त, जांच के बाद होगी एफआइआर


जांच करने पहुंची टीम ने पहले तो खंड शिक्षा अधिकारी से पूछताछ की और उसके बाद 2018 से लेकर 2023 के मध्य हुए वित्तीय लेन देन से संबंधित रजिस्टर एवं अन्य दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। प्राथमिक रूप से 2.60 करोड़ रुपए के वित्तीय अनियमिता की पुष्टि हुई है। संपूर्ण जांच उपरांत जिम्मेदार अफसरों एवं खाताधारकों के विरुद्ध एफआईआर कराई जाएगी। मामला तूल पकड़ते अब दबाव बनना शुरू हो गया है।

आयुक्त कोष एवं लेखा से प्राप्त वित्तीय अनियमितता की शिकायत की जांच करने ब्लाक कार्यालय पहुंचे है। दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी।

  • अंबिकेश प्रताप सिंह, एसडीएम पाली