उज्जैन. सावन मास का पहला दिन बाबा महाकाल के आंगन में उल्लासभरा रहा। आस्था परवान चढ़ी। दिनभर में करीब 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शनों का लाभ लिया। तडक़े 3 बजे मंदिर के पट खुले, भस्म आरती में 1500 श्रद्धालुओं को अनुमति मिली, लगभग 30 हजार ने चलित दर्शन व्यवस्था का लाभ लेकर बाबा की भस्म आरती की झलक देखी। सुबह के समय बाहर से आई महिलाओं के समूह ने शंख द्वार पर जमकर नृत्य कर भोले का गुणगान किया…लगन तुमसे लगा बैठे…जो होगा देखा जाएगा….। उन्हें देखकर आसपास से गुजरने वाले श्रद्धालु भी तालियां बजाकर नृत्य में शामिल हो गए।
भस्म आरती में उमड़ा आस्था का सैलाब
हर त्योहार की शुरुआत बाबा महाकाल के दरबार से ही होती है। सावन का पहला दिन भी बाबा के नाम रहा। प्रथम आरती, भस्म आरती होती है। इसमें शामिल होना ही अपने आपमें सौभाग्य की बात है। इसीलिए भस्म आरती में आस्था का सैलाब उमड़ा। महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महाराज ने भस्मी चढ़ाई, इससे पहले पुजारियों ने बाबा का मनभावन शृंगार किया। नंदी हॉल, गणेश और कार्तिकेय मंडपम में बैठे श्रद्धालुओं ने जयकरे लगाए।
30 से 40 मिनट में आराम से हुए दर्शन
कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने वीडियो जारी कर कहा कि श्रावण मास में श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल के नि:शुल्क दर्शन हो रहे हैं। कतिपय लोगों द्वारा यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि श्रावण मास में दर्शन का शुल्क लिया जा रहा है, जो कि बिल्कुल निराधार है। उन्होंने कहा कि दर्शनार्थी किसी भी भ्रांति में ना पड़े और बाबा महाकाल के नि:शुल्क दर्शन करें। कलेक्टर ने कहा कि मंगलवार 4 जुलाई से प्रारंभ हुए श्रावण मास के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि 30 से 40 मिनट में आराम से सभी को दर्शन हुए हैं। 4-5 दिनों में ही कार्तिकेय मंडपम का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, इसके बाद दर्शन का समय और भी कम हो जाएगा।
दिनभर चलता रहा दर्शन का सिलसिला
महाकाल मंदिर में सुबह से लेकर शयन आरती तक करीब 2 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पहले दिन कहीं कोई परेशानी नहीं हुई। मानसरोवर भवन से सभी को प्रवेश दिया गया। इसके लिए श्रद्धालुओं को बड़ा गणेश मंदिर तरफ से आने दिया जा रहा था। मंदिर में टनल के बाद प्रांगण में बैरिकेड्स लगाए हैं। इसी तरह महाकाल लोक में प्रवेश के लिए शंख द्वार से ही बैरिकेड्स लगाए हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। शेड और मैटिंग के अलावा पेयजल की व्यवस्था रखी गई।