
Mahashivratri 2024 festival in Mahakal: भगवान शिव की पूजा-आराधना और विशेष कृपा पाने के लिए श्रावण माह, प्रदोष व्रत, सोमवार, प्रति माह की शिवरात्रि और महाशिवरात्रि महापर्व का विशेष महत्व होता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार हर वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। जो इस वर्ष 8 मार्च शुक्रवार को है।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि के तीसरे दिन शनिवार को सायंकालीन पूजन के पश्चात भगवान ने घटाटोप स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। इसके पहले प्रात: शासकीय पुजारी घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राहम्णों द्वारा श्री महाकालेश्वर भगवान का अभिषेक एकादश-एकादशनी रुद्रपाठ से किया गया तथा संध्या पूजन के पश्चात बाबा श्री महाकाल को नीले रंग के वस्त्र धारण करवाए गए। इसके अतिरिक्त मेखला, दुपट्टा, मुकुट, छत्र, नागकुण्डल, मुण्ड माला एवं फलों की माला आदि धारण कराई गई। देवर्षि नारदजी खड़े होकर करतल ध्वनि व वीणा के साथ हरि नाम कीर्तन करते हैं। इसलिए कीर्तन की इस पद्धति को नारदीय कीर्तन कहा जाता है। श्री महाकालेश्वर मंदिर में यह परंपरा विगत 115 वर्षों से भी अधिक समय से चलती आ रही है।
- 3 मार्च- छवीना शृंगार
- 4 मार्च- होलकर शृंगार
- 5 मार्च- मनमहेश शृंगार
- 6 मार्च- उमा शृंगार
- 7 मार्च- शिव तांडव शृंगार
- 8 मार्च- सप्तधाम का मुखौटा शृंगार
Updated on:
03 Mar 2024 12:39 pm
Published on:
03 Mar 2024 11:55 am
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