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उज्जैन में देश का पहला स्नेक इन्फोटेनमेंट पार्क, नागपंचमी पर उद्घाटन

अनूठे केंद्र का काम ९० फीसदी पूरा हुआ, सांपों के साथ अन्य सरिसर्प की जानकारी भी मिलेगी

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Country's first Snake Infotainment Park in Ujjain inaugurated on Nagpanchami

अनूठे केंद्र का काम ९० फीसदी पूरा हुआ, सांपों के साथ अन्य सरिसर्प की जानकारी भी मिलेगी

उज्जैन. शहर में सापों पर आधारित देश का पहला स्नेक इन्फोटेनमेंट पार्क खुलेगा। इसका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और नागपंचमी पर जनता को यह सौगात सौंपने की तैयारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से बन रहे इस पार्क में विजिटर सरिसर्प को नजदीक से जान सकेंगे, वहीं शोधार्थी शोध भी कर सकेंगे।
इंदौर रोड बसंतविहार स्थित सरीसृप संरक्षण एवं शोध केंद्र को स्नेक इन्फोटेनमेंट पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। करीब दो करोड़ की लागत वाले प्रोजेक्ट का कार्य ९० फीसदी पूरा हो चुका है। वर्तमान में इंटीरियर कार्य प्रचलित है। प्रयास है कि एक महीने में शेष सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं ताकि २१ अगस्त नागपंचमी पर इसका शुभारंभ हो सके। पहले चरण में आगंतुकों को यहां डिजिटल इंटरपीटिशन सेंटर, हार्पेटोलॉजिकल रिसर्च लायब्रेरी, लायब्रेरी आदि मिलेंगे।
दूसरे चरण में स्नेक पार्क बनेगा
इनफोटेनमेंट पार्क में फिलहाल सर्प देखने को नहीं मिलेंगे। जीवित सरिसर्प के स्थान पर अभी उनके डायरोमा (प्रतिकृति) रहेंगे जो हूबहू सरिसृप की तरह लगेंगे। दूसरे चरण में यहां स्नेक पार्क विकसित किया जाएगा। यह चिडिय़ा घर के रूप में होगा जिसमें सांपों की विभिन्न प्रजाति के साथ ही अन्य जानवर भी रहेंगे। इस पार्क पर दो-ढाई करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने का आंकलन है। हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने इसके प्रस्ताव पर सहमति भी जता दी है। इसके बाद संस्था द्वारा मंत्रालय को डीपीआर को प्रस्तुत की गई है। स्वीकृति मिलने के बाद कुछ महीनों में दूसरे चरण का कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
स्नेक इन्फोटेनमेंट पार्क में यह सब
1. इंटरपीटिशन सेंटर- विशाल डिजिटल वॉल पर सांपों से जुड़ी जानकारी जैसे उनका नाम, खान-पान, मिलने का क्षेत्र, विशेषता, पहचान, आदत आदि मिलेगी। सांपों से बचाव आदि के तरीके बताएंगे।
2. हार्पेटोलॉजिकल रिसर्च लायब्रेरी- सरीसृप पर अधारित रिसर्च सेेंटर रहेगा। 5 घंटे से 6 महीने की अवधि का सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स पढ़ाया जाएगा। विक्रम विवि से एमओयू किया जा रहा है। इसे ग्रीन स्कील डेवपलमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत शुरू करने की योजना है।
ं3. ट्रेनिंग सेंटर- सर्पदंश से होने वाली मृत्यु व सांपों की रक्षा के उद्देश्य से वर्क फोर्स तैयार करेंगे इसमें मेडिकल स्टाफ, वन विभाग कर्मचारी आदि को जरूरी ट्रेनिंग दी जाएगी। केंद्र की ओर से संबंधित विभागों को पत्र भी भेजे गए हैं।
4. रेपटाइल हाउस- दूसरे चरण में सांपों के साथ ही छिपकली, घडिय़ाल, मगरमच्छ, कुछएं रहेंगे जिन्हें आगंतुक देख सकेंगे। इनके ही डायरोमा (प्रतिकृति) भी रहेंगे जो हूबहू सरिसृप जैसे नजर आएंगे। दर्शक इन्हें छूकर जिंदा सरिसृप को हाथ लगाने जैसा अनुभव कर सकेंगे।
&स्नेक इनफोटेनमेंट पार्क सर्पों सहित सरिसृप पर आधारित ऐसा केंद्र होगा जहां इनकी एनाटॉमी, फिजियोलॉजी व मायथोलॉजी आदि की प्रभावी तरीके से विस्तृत जानकारी दी जाएगी। पहले चरण का कार्य अंतिमदौर में हैं। जल्द ही इसका शुभारंभ किया जाएगा।
- मुकेश इंगले, डायरेक्टर सरिसृप संरक्षण एवं शोध केंद

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