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बिहार से 8 लोगों के शव पहुंचे राजस्थान, शवों को देखते ही बिलख पड़े परिजन, कई दिन से नहीं जले चूल्हे

Road Accident In Purnia Bihar: उदयपुर जिले के खेरवाड़ा उपखण्ड क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा हादसा होने के बाद शवों को लेने खेरवाड़ा आए परिजन व अन्य हर व्यक्ति की आंख नम हो गई।

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Road Accident In Purnia Bihar: उदयपुर जिले के खेरवाड़ा उपखण्ड क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा हादसा होने के बाद शवों को लेने खेरवाड़ा आए परिजन व अन्य हर व्यक्ति की आंख नम हो गई। शवों की गाड़ियां देखकर हर व्यक्ति की आंखों में आंसू बहने लगे। खेरवाड़ा विधायक डॉ. दयाराम परमार शवों को लेकर जयपुर से करीब दोपहर करीब 2 बजे खेरवाड़ा के लिए निकले। शव रात करीब 10 बजे खेरवाड़ा डाक बंगले पर पहुंचे । इससे पहले डाक बंगले पर सभी परिजनों को सूचना देकर बुला लिया गया।

परिजन अपने निजी वाहनों से खेरवाड़ा़ पहुंचे। खेरवाड़ा में शवों को देखने के लिए अन्य लोग भी एकत्रित हो गए। खेरवाड़ा विधायक डॉ. दयाराम परमार व जिला कलक्टर ताराचंद मीणा की मौजूदगी में शव परिजवों को सौंपे गए। परिजन जयपुर से आई आठों एम्बुलेंस से ही अलग- अलग शवों को लेकर अपने गांव पहुंचे।

रात तक इंतजार करते रहे परिजन
गांव में शव आने को लेकर परिजन व रिश्तेदार इंतजार करते रहे। जैसे ही कोई गाड़ी गांव की तरफ आती तो परिजन रोना शुरू कर देते। अन्य लोग उन्हें ढाढस बंधाते रहे। मगर घर के कमाऊ व्यक्ति के अचानक चले जाने पर परिजन की आंखें बार-बार भर आती थी।

खेरवाड़ा विधायक डॉ.दयाराम परमार का घटना के बाद शवों को लाने, मुआवजा दिलाने सहित शवों को घर तक पहुंचाने का अथक प्रयास रहा। घटना होने के बाद डॉ. परमार ने जिला कलक्टर से चर्चा कर शवों को राजकीय खर्च से लाने के लिए उच्च अधिकारियों से बात कर शव मंगवाए गए। साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की घोषणा भी की गई।

फूट फूट कर रोने लगे
जैसे ही शव गांव में होकर अपने घर ले जाए गए तो पत्नी,बच्चे शवों के पास बैठ गए। बच्चे पापा का मुंह देखकर फूटफूट कर रोने लगे। मृतकों के तीनों गावो में तीन दिन से चूल्हे नहीं जले। परिजन व आसपास के लोगों ने दो दिन से मृतकों के परिजनों को ढाढस बंधाते हुए भोजन कराया मगर मृतकों की पत्नियों ने तो तीन दिन से खाना तक नही खाया।

खेरवाड़ा की दूसरी सबसे बड़ी घटना
खेरवाड़ा उपखण्ड के राणी छाणी मार्ग पर सत्र 2009 में जीप व ट्रक के भिड़ंत में 9 लोगो की जान एक साथ चली गई थी। इसके बाद खेरवाड़ा का यही दूसरी बड़ी घटना है, जिसमे 8 लोगों की एक साथ जान गई है। सभी शवों का गुरुवार को पैतृक गांवों में अंतिम संस्कार किया जाएगा। मृतकों के परिजन- रिश्तेदार सुबह से ही मृतकों के घरों के आसपास शवों के इंतजार में बैठे रहे।

ये रहे मौजूद
डाक बंगले पर खेरवाड़ा विधायक डॉ. दयाराम परमार, जिला कलक्टर तारा चंद मीणा, कार्यवाहक उपखण्ड अधिकारी लाला राम मीणा, नयागांव तहसीलदार शिवराम पटेल, खेरवाड़ा प्रधान पुष्पा मीणा, नयागांव प्रधान कमला परमार, पंचायत समिति सदस्य व समाजसेवी पन्ना लाल परमार, नायब तहसीलदार न्याज मोहम्मद, खेरवाड़ा विकास अधिकारी शंकर लाल मेघवाल, खेरवाड़ा थानाधिकारी तेजकरण सिंह, पहाड़ा थानाधिकारी नागेंद सिंह, बावलवाड़ा थानाधिकारी हेमंत अहारी, ऋषभदेव थानाधिकारी देवी लाल मीणा, भाजपा मंडल अध्यक्ष नवलसिंह सिसोदिया, कांग्रेस प्रवक्ता गलेश मीणा, जयदीप फडीया, पंसस ममता मीणा, अनिल डोडा, भाजपा नेता शंकर लाल खराड़ी, घुलेश्वर वसोहर सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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