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इस बार रेकॉर्ड उत्पादन व अच्छे भाव–पीला सोना सात हजार पार,​फिर हुआ नरम

-कृष्ण चौहानश्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में इस बार सरसोंं का 9,86,240 मीट्रिक टन उत्पादन  

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इस बार रेकॉर्ड उत्पादन व अच्छे भाव--पीला सोना सात हजार पार,​फिर हुआ नरम

इस बार रेकॉर्ड उत्पादन व अच्छे भाव--पीला सोना सात हजार पार,​फिर हुआ नरम

श्रीगंगानगर.कृषि बाहुल्य श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में इस बार सरसों की रेकॉर्ड बुवाई व उत्पादन हुआ है। इस बार पीला सोना का पाव सात हजार रुपए प्रति क्विंटल पार हो चुका है। इससे इलाके का किसान निहाल हो जाएगा। इस बार सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5050 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया था जबकि बाजार में सरसों छह हजार से 6500 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रही थी। इस कारण एमएसपी पर राजफैड को सरसों एक क्विंटल भी नहीं मिल पाई। अब पिछले पांच दिन में सरसों के भाव में 403 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी आई है। व्यापारी वर्ग इसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की बढ़ती मांग तथा स्थानीय किसानों का सरसों का स्टॉक करना मान रहे हैं। बाजार में सरसों की पिछले एक पखवाड़ा से बहुत कम आवक हो रही है। इस कारण सरसों जहां 15 अप्रेल को टॉप 6536 रुपए प्रति क्विंटल से बढकऱ 20 अप्रेल के 7039 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई। नई धानमंडी श्रीगंगानगर में गुरुवार को सरसों 6782 से 6975रुपए प्रति क्विंटल तक बिकी है। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में इस बार 5 लाख 25 हजार 672 हेक्टेयर में सरसों की रेकॉर्ड बुवाई हुई थी तथा 986240 मीट्रिक टन सरसों का उत्पादन का अनुमान है। श्रीगंगानगर जिले में इस सीजन में 784147 क्विंटल सरसों की खरीद व्यापारियों ने की है।

इस बार राज्य में रेकॉर्ड बुवाई व उत्पादन

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस बार राज्य में करीब 34 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की रेकॉर्ड बुवाई हुई है और 60 लाख मीट्रिक टन सरसों का उत्पादन का अनुमान है। पिछले वर्ष 26 लाख 23 हजार 832 हेक्टेयर में सरसों की बुवाई हुई थी और 44 लाख 89 हजार 13 मीट्रिक टन सरसों का उत्पादन हुआ था। इस बार भारत में एक करोड़ 15 लाख मीट्रिक टन सरसों का उत्पादन हुआ है। जबकि पिछले वर्ष 85 हजार मीट्रिक टन सरसों का उत्पादन हुआ था।

फैक्ट फाइल

श्रीगंगानगर जिला

सरसों की बुवाई, उत्पादन व उत्पादकता का गणित

-सरसों की बुवाई-309262 हेक्टेयर

-सरसों का उत्पादन-569427 मीट्रिक टन

-सरसों का उत्पादकता-1840 किलो ग्राम

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हनुमानगढ़ जिला

सरसों की बुवाई, उत्पादन व उत्पादकता का गणित

-सरसों की बुवाई-216410 हेक्टेयर

-सरसों का उत्पादन-416813 मीट्रिक टन

-सरसों का उत्पादकता-1925 किलो ग्राम

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बुवाई व गणित का उत्पादन

-श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में सरसों की बुवाई-5,25,672 हेक्टेयर

-श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में सरसों का उत्पादन-9,86,240 मीट्रिक टन

भाव का गणित प्रति क्विंटल में

-सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य-5050 रुपए

-बाजार भाव-6300 से 7039 प्रति क्विंटल

-व्यापारियों ने सरसों की खरीद की -7,84,147 क्विंटल

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यूं आई सरसों के भाव में तेजी

15 अप्रेल-6500 से 6636 रु
16 अप्रेल-6500 से 6763 रु

18 अप्रेल-6866 से 6881 रु

19 अप्रेल-6864 से 7036 रु
20 अप्रेल-6721 से 7039 रु

पांच दिन में तेजी आई-403 रु प्रति क्विंटल
21 अप्रेल-6782 से 6975 रु
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राज्य में सरसों की बुवाई व उत्पादन का गणित

-सरसों की बुवाई-33 लाख 87 हजार 372 हेक्टेयर

-सरसों का उत्पादन-59 लाख 37 हजर 418 मीट्रिक टन

इस बार सरसों की बुवाई और उत्पादन रेकॉर्ड हुआ है। किसानों को भाव भी अच्छा मिल रहा है लेकन तीन-चार दिन से सरसों के भाव में तीन-चार सौ रुपए प्रति क्विंटल की तेजी आई है। किसानों ने सरसों का स्टॉक कर लिया है तथा बाजार में सरसों आवक बहुत कम हो रही है।

संजय महीपाल,सरसों के मुख्य व्यापारी,श्रीगंगानगर

कृषि बाहुल्य श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में इस बार सरसों की बुवाई व उत्पादन इस बार रेकॉर्ड हुआ है। किसानों को भाव भी अच्छा मिल रहा है। जनवरी में हुई मावठ की बारिश से सरसों का उत्पादन में इजाफा हुआ है।

डॉ.जीआर मटोरिया,संयुक्त निदेशक,कृषि,श्रीगंगानगर।

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