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श्री गंगानगर

ब्लाइंड मर्डर- हत्या कर शव जलाने के मामले का 12 घंटे में खुलासा, दंपती गिरफ्तार

- अवैध संबंधों की आड़ में घर बुलाकर की थी हत्या  

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श्रीगंगानगर. शहर की पुरानी आबादी थाना इलाके में वार्ड नंबर छह चक छह जेड में रविवार सुबह हत्या के बाद शव खाली प्लाट में पटक कर जलाने के मामले का करीब 12 घंटे में पुलिस ने खुलासा करते हुए दंपती को अबोहर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने अवैध संंबंधों की आड़ में घर बुलाकर हत्या कर दी थी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि चक छह जेड वार्ड छह में खाली प्लॉट के बगल में रहने वाली महिला रविवार सुबह करीब पांच बजे खेत की तरफ गई थी, जहां प्लॉट में आग जलती दिखाई दी। गौर से देखा तो वहां एक व्यक्ति जल रहा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने आग बुझाई। मौके पर डॉग स्क्वॉयड, एफएसएल व एमओबी टीमें पहुंच गई और मौके पर जांच पड़ताल की।

जांच के बाद पुलिस ने शव को राजकीय चिकित्साय की मोर्चरी में रखवा दिया। आसपास इलाके के थानों में लापता व्यक्तियों के बारे में पता लगाया गया। इसमें दोपहर बाद पुलिस को कुछ लापता व्यक्तियों के बारे में जानकारी मिली थी। इस मामले की जांच थाना प्रभारी सुरजीत कुमार को सौंपी गई। प्रकरण को ट्रेस आउट करने के लिए एएसपी के निर्देशन व सीओ सिटी अरविंद बेरड के सुपरविजन में थाना प्रभारी पुरानी आबादी, डीएसटी प्रभारी कश्यप सिंह, एएसआई प्रमोद कुमार व अन्य की टीम गठित की गई।

टीम ने साक्ष्य जुटाए और तकनीकी जांच व सूचना एकत्रित कर अज्ञात शव की पहचान विजेन्द्र सिंह पुत्र भानी सिंह राजपूत निवासी सात जेड के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने मृतक का मोबाइल, एटीएम आदि की जानकारी जुटाई तो प्रकरण का खुलासा होता चला गया।

पुलिस ने अबोहर में दबिश देकर आरोपी रोहित (23) पुत्र गुलशन निवासी हबीबगंज लुधियाना व आशु उर्फ जसमीन पत्नी रोहित निवासी शिवरामपुरा अबोहर पंजाब हाल निवासी पुरानी आबादी को चिह्नित कर गिरफ्तार किया गया। टीम में हैडकांस्टेबल राजकुमार, संजीव गौतम, कांस्टेबल राकेश कमार, वेदप्रकाश, सुमन, अजय, रोहिताश्व, जयप्रकाश, सीताराम, नरेन्द्र व पवन कुमार शामिल रहे। इसमें कांस्टेबल राकेश की खुलासे में अहम भूमिका रही।

ऐसे दिया हत्या को अंजाम

– एएसपी सिंह ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि विजेन्द्र सिंह के आरोपी आशु उर्फ जसमीन से अवैध संबंध थे। आरोपियों को यह पता था कि मृतक विदेश (श्रीलंका) में नौकरी करता है। उसके पास रुपए हैं। इस कारण अवैध संबंधों की आड में ब्लैकमेल करने के लिए उसको अपने किराए के मकान कृष्णा निकुंज कॉलोनी पुरानी आबादी में फोनकर शनिवार रात करीब नौ बजे बुलाया। पूर्व षड्यंत्र के अनुसार जसमीन ने उसके साथ बैठकर बीयर तभी तभी रोहित आ गया और झगड़ा करने लगा।

उससे करीब एक-दो हजार रुपए की नकदी छीन ली। मोबाइल में पेटीएम व एटीएम का पासवर्ड भी ले लिया। रोहित ने इसी दौरान उसके सिर में रोटी बनाने का तवा मार दिया, जिससे वह गिर गया। इसके बाद महिला ने भी उसके सिर में तवे मारे, जिससे उसकी मौत हो गई। फिर आरोपी मृतक की स्कूटी लेकर आए और एटीएम से रुपए निकाले, बोतल में पेट्रोल खरीदा।

इसके बाद लेबर कोर्ट के बाहर से रेहडी चोरी कर ले गया। घर में मृतक को कपड़े सुखाने वाले तार से बांध कर प्लास्टिक की पानी की टंकी में डाल दिया। रविवार तडक़े करीब तीन-चार बजे पानी की टंकी में शव को रेहडी पर लेकर छह जेड में खाली प्लाट में पहुंचा। उसकी पत्नी पीछे स्कूटी से वहां पहुंची। यहां टंकी को उतारकर उसमें पेट्रोल डालकर आग लगाकर चले गए।

बस स्टैण्ड पर छोड़ी स्कूटी

पुलिस ने बताया कि शव को आग लगाने के बाद आरोपी स्कूटी लेकर बस स्टैण्ड पर पहुंचे और बस स्टैण्ड के पास स्कूटी की नंबर प्लेट तोडकऱ खड़ा कर दिया। इसके बाद रेलवे स्टेशन पहुंचे और ट्रेन से अबोहर पहुंच गए। महिला व आरोपी अपने पीहर चली गई।

ऐसे हुई मृतक व महिला की दोस्ती

– एएसपी ने बताया कि विजेन्द्र सिंह व आरोपी महिला की कुछ माह पहले से जानकारी थी। वह एक बार झगड़ा होने पर घर से निकल गई और शहर में घूम रही थी। उसी दौरान उसे विजेन्द्र सिंह मिला, तो उसने अबोहर जाने के लिए मदद मांगी। इस पर उसको एक हजार रुपए दे दिए थे। तब से दोनों में बातचीत होती रहती थी। दोनों में रुपए लेन-देन चलता रहता था।

पैरों से की परिजनों ने पहचान

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक के भाई व पुत्र ने पैरों को देखकर पहचान की थी जबकि पूरा शरीर बुरी तरह जल चुका था। ऐसे में मृतक की पहचान करना मुश्किल हो रहा था। मृतक के केवल पैर ही पूरी तरह जलने से बचे थे। इनको देखकर ही मृतक के भाई व पुत्र ने पहचान की। मृतक के पुत्र राज्यवर्धन ने सदर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जो कुछ समय पहले ही श्रीलंका से लौटे थे। वहां कंपनी में कार्य करते थे।

30 जनवरी को बेटी की शादी तय हुई

एएसपी सिंह ने बताया कि विजेन्द्र सिंह श्रीलंका से कुछ समय ही वापस आया था। उसके खाते में लाखों रुपए थे। इन रुपयों के लिए आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया था। मृतक की बेटी की शादी 30 जनवरी को तय हुई थी। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। शादी की खुशियां मातम में बदल गई।