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रीवा. स्टेट बार काउंसिल के वर्तमान अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के बाद नाटकीय घटनाक्रम में नए अध्यक्ष की भी नियुक्ति कर दी गई है। जिसमें रीवा के वरिष्ठ अधिवक्ता और काउंसिल के सदस्य शिवेन्द्र उपाध्याय को नया अध्यक्ष मनोनीत किया गया है।
वे दूसरी काउंसिल के अध्यक्ष बने। हर ढाई साल के बाद चयनित कार्यकारिणी के कार्यों की समीक्षा की जाती है। जिसके बाद पुन: अध्यक्ष का चयन किया जाता है। इसी दौरान यह घटनाक्रम हुआ। अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार सोमवार को रीवा आए उपाध्याय का जिला अधिवक्ता संघ ने भव्य स्वागत किया।
स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष छिंदवाड़ा निवासी एड. गंगा प्रसाद तिवारी की मौजूदगी में जबलपुर में शनिवार को काउंसिल की बैठक बुलाई गई थी। इसमें अध्यक्ष के कार्यों की समीक्षा की जानी थी। लेकिन उनकी कार्यकारिणी के 15 सदस्यों ने इस दौरान हस्ताक्षरयुक्त अविश्वास प्रस्ताव दे दिया। जिसके बाद गंगा प्रसाद तिवारी ने इस्तीफा समिति को सौंप दिया। कार्यकारिणी के सदस्यों का कहना था कि कार्यकाल पूरा होने के बाद भी अध्यक्ष तिवारी बैठक नहीं बुला रहे थे। इससे कई काम रुके हुए थे। वहीं खाली हुए अध्यक्ष पद पर तत्काल चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जिसमें रीवा के शिवेन्द्र उपाध्याय को निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया।
27 साल अध्यक्ष रहे नीखरा को दी थी मात
इसके पहले शिवेंद्र उपाध्याय 26 दिसंबर 2011 को स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष बने थे। करीब 27 साल तक लगातार अध्यक्ष रहे रामेश्वर नीखरा का प्रभाव खत्म करते हुए अप्रत्याशित रूप से अध्यक्ष नियुक्त हुए थे। अपने पूर्व के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए थे। जिसमें तहसील और जिला स्तर की अदालतों में ई-लाइब्रेरी के साथ ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट के लिए अभियान शुरू किया था। उपाध्याय ने जजों की नियुक्ति करने वाले कॉलेजियम का भी विरोध किया था।
वकीलों के लिए कराएंगे आवास की व्यवस्था
स्टेट बार काउंसिल के नवनियुक्त अध्यक्ष शिवेन्द्र उपाध्याय सोमवार को रीवा पहुंचे। अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार रीवा आए उपाध्याय का जिला अधिवक्ता संघ ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान बार काउंसिल के अध्यक्ष शिवेन्द्र उपाध्याय ने वकीलों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता वकीलों को घर उपलब्ध कराना है। इस संबंध में सरकार से बातचीत कर व्यवस्था की जाएगी। हाउसिंग सोसायटी गठित कर सभी जिला मुख्यालयों पर मकान बनाकर जिन वकीलों के पास नहीं उन्हें उपलब्ध कराए जाएंगे।
मृत्युदावा राशि को दोगुना
अध्यक्ष पद ग्रहण करते ही उपाध्याय ने कई घोषणाएं की। जिनमें वकीलों की मृत्युदावा राशि को दोगुना करते हुए ढाई लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है। इसका वकीलों ने स्वागत किया। वकीलों के हितों में अन्य कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने की बात भी नव निर्वाचित अध्यक्ष ने कही। इस दौरान स्टेट बार काउंसिल के कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे।
रीवा में वकीलों का आंदोलन समाप्त होने की संभावना
रीवा में कोर्ट भवन को लेकर चल रहे आंदोलन पर बनी असमंजस की स्थिति समाप्त होने की संभावना जगी है। रीवा के वकीलों के साथ उपाध्याय शुरू से ही खड़े रहे हैं, बीच में स्टेट बार काउंसिल ने हड़ताल समाप्त करने का दबाव बनाया था जिसके चलते अब-तक आंदोलन असमंजस की स्थिति में है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट और राज्य सरकार के बीच वार्ता नए सिरे से होगी और कोर्ट भवन को लेकर नया निर्णय हो सकता है।
Published on:
05 Feb 2018 04:07 pm

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