
वैज्ञानिकों ने दांतों की परत से सुलझाया 2000 साल पुरानी कब्र का रहस्य
लंदन। वैज्ञानिकों ने लौह युग की 2,000 साल पुरानी उस कब्र का रहस्य सुलझा लिया है, जिसमें तलवार और सुंदर दर्पण के साथ एक व्यक्ति को दफनाया गया था। दशकों पहले आइल्स ऑफ स्किली (ब्रिटेन में कॉर्नवाल के दक्षिण-पश्चिम में स्थित द्वीपसमूह) के सबसे छोटे द्वीप ब्रिहर पर एक किसान को प्रागैतिहासिक काल से जुड़ी कब्रगाह मिली थी। उसी समय से विशेषज्ञ यहां पाए गए कंकाल की पहचान को लेकर भ्रमित थे। अब शोधकर्ताओं ने इनेमल (दांतों की परत) का विश्लेषण कर पाया है कि यह योद्धा संभवत: एक महिला थी। जिसका अपने समुदाय के भीतर ऊंचा दर्जा था और उसने स्थानीय युद्ध में, प्रतिद्वंद्वी समूहों पर छापे मारने या नेतृत्व करने में एक कमांडिंग भूमिका निभाई होगी।
हड्डियों के विघटन से डीएनए विश्लेषण हुआ मुश्किल:
ब्रिटेन की सार्वजनिक संस्था हिस्टोरिक इंग्लैंड के शोध के निष्कर्ष लौह युग के दौरान स्किली द्वीप पर युद्ध में एक महिला की अग्रणी भूमिका का सुबूत देते हैं। संस्था ने कहा कि तलवार और दर्पण की खोज अत्यधिक असामान्य है क्योंकि इसी अवधि की अन्य कब्रगाहों में आमतौर पर तलवारें पुरुषों के पास और दर्पण महिलाओं के पास पाए जाते थे। 1999 में जब एक किसान स्किली द्वीप पर खेतों पर काम कर रहा था तभी उसे इस कब्र का पता चला था। हड्डियों के विघटन के कारण डीएनए विश्लेषण का उपयोग करके कंकाल की पहचान करने के प्रयास असफल साबित हो गए थे। फिर अमरीका में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक नई तकनीक से इनेमल की जांच करके अपने निष्कर्ष पर पहुंच पाए।
इनेमल के टुकड़ों ने बताई योद्धा की असल पहचान:
अमरीकी प्रोफेसर ग्लेनडन पार्कर ने कहा कि टीम ने बचे हुए दांतों के इनेमल के छोटे टुकड़ों से प्रोटीन के अंश निकाले। यह संभावना पाई गई कि अवशेष किसी महिला के हैं। पार्कर के अनुसार हड्डियों की खराब स्थिति को देखते हुए, इतना मजबूत परिणाम प्राप्त करना महत्त्वपूर्ण है। यह उम्मीद जगाता है कि अन्य बुरी तरह से खराब हो चुकी कब्रगाहों पर दोबारा जाकर भी बहुत कुछ खोजा जा सकता है। इंसानों के शरीर में दांतों का इनेमल सबसे कठोर और टिकाऊ पदार्थ होता है। इसमें एक्स या वाई क्रोमोसोम से लिंक वाला एक प्रोटीन होता है। जिससे इसका उपयोग ***** निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है। यह प्रोटीन उपयोगी होता है क्योंकि यह डीएनए की तुलना में ज्यादा अच्छी तरह से बना रहता है।
संकेत, संचार और समन्वय के लिए दर्पण का इस्तेमाल:
हिस्टोरिक इंग्लैंड से जुड़ीं डॉ. साराह स्टार्क के अनुसार निष्कर्ष बताते हैं कि लौह युग के समाज में छापेमारी और अन्य प्रकार की हिंसाओं में महिलाओं की भागीदारी जितना पहले सोचा गया था उससे कहीं अधिक आम थी। उस समयावधि में दर्पणों का उपयोग संकेत देने, संचार करने और हमलों के समन्वय के लिए किया जाता होगा। यह खोज लौह युग के दौरान महिलाओं की भूमिका पर भी प्रकाश डाल सकती है। शोध के निष्कर्ष 'द जर्नल ऑफ आर्कियोलॉजिकल साइंस रिपोर्ट्स' में प्रकाशित हुए हैं।
बरामद हुए मानव अवशेष
Published on:
28 Jul 2023 06:27 pm
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