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गौतम ऋषि मेला: गंगा अवतरण पर लगे जयकारे

समाज के लोगों ने स्वजनों की अस्थियों का किया विसर्जन

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पोसालिया. गंगा कुण्ड जहां सालभर में दिवगंत परिजनों की अस्थियां विसर्जित की गई।

पोसालिया. गंगा कुण्ड जहां सालभर में दिवगंत परिजनों की अस्थियां विसर्जित की गई।

समाज के लोगों ने स्वजनों की अस्थियों का किया विसर्जन

समाज के 1500 कार्यकर्ता संभाल रहे व्यवस्थाएं, पुलिस के 400 जवान सादा वर्दी में तैनात

मेले की खासियत: प्रबंधन, अनुशासन, सामाजिक एकजुटता, आस्था, संस्कृति और पुरातन परंपरा

पोसालिया @ पत्रिक. समीप के चोटीला में मीणा समुदाय के आराध्य देव गौतम ऋषि का तीन दिवसीय वार्षिक मेला सोमवार को यौवन पर रहा। मेले में सैकड़ों लोगों ने शिरकत कर बाबा के दरबार में मत्था टेक कर सुख समृद्धि की मन्नत मांगी। पश्चिमी राजस्थान के मीणा समाज के सबसे बड़े मेले की खासियत इसका प्रबंधन, अनुशासन, सामाजिक एकजुटता, आस्था, संस्कृति और पुरातन परंपरा हैं।

  • गंगा अवतरण पर लगे जयकारे, स्वजनों की अस्थियों का विसर्जन

सोमवार को अल सुबह 4 बजकर 55 मिनट पर गंगा मैया के अवतरण पर जयकारे गूंजे। यहां गंगा कुण्ड में ट्रस्टियों ने पण्डित के सानिध्य में गंगा पूजन किया। इसके बाद समाज के लोगों ने विगत वर्षभर में दिवगंत हुए स्वजनों की अस्थियों का परिजनों ने विधि विधान के साथ गंगा कुण्ड में विसर्जन किया। फिर एताईयों में पहुंच कर रंग बदलने की रस्म अदा की गई। महिलाओं ने गौतम बाबा के यशोगान के साथ मंगल गीत गाए, तो दूसरी तरफ विगत सालभर में दिवगंत हुए परिजनों का शोक रंग बदलने की रस्म के साथ गुड़ बांटकर खुशी में तब्दील होता नजर आया। अपने रिश्तेदारों, मित्रों व विशेषकर जवाइयों की भोजन, मिष्ठान्न, चूरमा, शीतल पेय पदार्थों से मेहमान नवाजी की। वहीं, परम्परागत तौर पर मिल बैठकर शादी योग्य लड़के-लड़कियों के संबंध तय किए।

  • युवाओं का छाता नृत्य रहा आकर्षण

मेले में श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही से हाट बाजारों में दिनभर रौनक रही। युवाओं का भुरिया बाबा के गीतों की प्रस्तुतियों के साथ छाता नृत्य आकर्षण का केन्द्र रहा। मेला क्षेत्र में झूलों-पालनों, खाद्य-पेय व रोजमर्रा उपयोगी सामग्री सहित विभिन्न चीजों की करीब 1500 से अधिक अस्थाई क दुकानें लगी है। जहां श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। अच्छी ग्राहकी होने से व्यापारी वर्ग में खुशी रही।

  • 1500 कार्यकर्ता संभाल रहे व्यवस्था

मेला क्षेत्र का भारी विस्तार होने के बावजूद शांतिपूर्ण माहौल नजर आया। ट्रस्ट अध्यक्ष रताराम मीणा, ट्रस्ट सदस्यगण, पंच-पटेल और युवा काउंटर पर भक्तजनों से प्राप्त देव द्रव्य राशि की रसीदें काटकर जमा करते हुए भेंटकर्ताओं का अभिनंदन कर रहे हैं। मेले का सारा प्रशासन के साथ मिलकर प्रबंधन ट्रस्ट प्रतिनिधियों, पंच-पटेलों, युवा कार्यकर्ताओं की ओर से किया जा रहा है। सैकड़ों लोगों की भीड़ की व्यवस्था के लिए ट्रस्ट ने परगनावार समाज के ही करीब 1500 कार्यकर्ताओं को लगाया है। यहां पुलिस का प्रवेश वर्जित है। मंदिर व मेला क्षेत्र में जो जवान ड्यूटी देने आते हैं, वे मीणा समाज के ही होते हैं। वे भी बिना वर्दी में होते हैं।

  • 3 किमी में मेला क्षेत्र, वॉकी टॉकी का सहारा

मेला क्षेत्र करीब 3 किमी क्षेत्र में हैं। इस बार पुलिस की अस्थाई चौकी को पुरानी जगह से हटाकर 200 मीटर दूर शिफ्ट की है। पुरानी चौकी की जगह सड़क किनारे दुकानें लगी है। मेले की सभी व्यवस्थाएं समाज संभाल रहा है। मेला स्थल पर मोबाइल नेटवर्क भी नहीं है। ऐसे में समाज ने वॉकी टॉकी का सहारा लिया है। सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए हैं।

  • मेले की व्यवस्था में 400 जवान तैनात

सिरोही एसपी अनिल कुमार का कहना है कि गौतम ऋषि मेले में यातायात व अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विभिन्न जगहों पर 400 से अधिक जवान तैनात किए हैं। जिनमें 67 महिला कांस्टेबल व 125 पुलिस के जवान सादी वर्दी में तैनात हैं। 25 जवान मेले के मार्गों पर व अन्य जवान विभिन्न जगहों पर लगे हैं। मेले की पेराफेरी में अस्थाई चौकियां व चैकपोस्ट और इमरजेंसी के लिए अलग से व्यवस्था है। मोबाइल यूनिट भी तैनात है।

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