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जलस्तर घटा: जल संकट के लिए 147 गांव चिह्नित, ज्यादा गर्मी पड़ी तो पेयजल की बनेगी समस्या

पीएचई विभाग ने तैयार की है कार्ययोजना सीधी. ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट को लेकर जिले के 147 गांवों का चिन्हांकन किया गया है। गर्मी ज्यादा पड़ी और संबंधित क्षेत्र का जल स्तर नीचे गिरा तो यहां पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग द्वारा चिन्हित किये गए समस्याग्रस्त ग्रामों में […]

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जल संकट के लिए 147 गांव चिह्नित, ज्यादा गर्मी पड़ी तो पेयजल की बनेगी समस्या

जल संकट के लिए 147 गांव चिह्नित, ज्यादा गर्मी पड़ी तो पेयजल की बनेगी समस्या

पीएचई विभाग ने तैयार की है कार्ययोजना

सीधी. ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट को लेकर जिले के 147 गांवों का चिन्हांकन किया गया है। गर्मी ज्यादा पड़ी और संबंधित क्षेत्र का जल स्तर नीचे गिरा तो यहां पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग द्वारा चिन्हित किये गए समस्याग्रस्त ग्रामों में जल संकट से निदान के लिए कार्ययोजना भी बनाई गई है, जिसमें हैंडपंपों में राइजर पाइप बढ़ाया जाना, नवीन नलकूप खनन, ङ्क्षसगल फेस पावर पंप की स्थापना जैसे कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं। विभाग का मानना है कि पेयजल परिवहन की स्थिति किसी भी गांव में निर्मित नहीं होगी।
संभावित ग्रामों में 3675 हैंडपंप
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जल संकट के लिए चिन्हित ग्रामों में 3675 हैंडपंप स्थापित हैं। इनमें से वर्तमान स्थिति में 3650 चालू हालत में हैं, जबकि 25 बंद हैं। ये सभी साधारण खराबी से बंद होना बताये गए हैं, जिनका शीघ्र सुधार कार्य कराये जाने की बात कही गई है। आगामी माह में यदि जल स्तर घटा तो 105 हैंडपंपों के बंद होने की आशंका है।
ये कार्य प्रस्तावित
चिन्हित 147 ग्रामों में यदि जल संकट की स्थिति निर्मित होती है तो उसके निदान के लिए विभाग द्वारा कार्ययोजना तैयार की गई है। जिसमें 120 नवीन नलकूप खनन प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही 50 ङ्क्षसगल फेस पॉवर पंप के स्थापना की कार्ययोजना प्रस्तावित है। वहीं जल स्तर नीचे जाने से हैंडपंपों के बंद होने पर 15 हजार 561 मीटर राइजर पाइप बढ़ाया जाना प्रस्तावित किया गया है।
ये गांव प्रमुख
ग्रीष्मकाल में जल संकट के लिए चिन्हित ज्यादातर गांव सोन नदी के सीमावर्ती क्षेत्र के हैं। इसमें कुछ पहाडिय़ों में स्थिति हैं तो कुछ सोन नदी से लगे हुए हैं। ये ऐसे गांव हैं जहां पूर्व में जल संकट जैसी स्थिति निर्मित हो चुकी है। इन गांवों में प्रमुख रूप से कमर्जी क्षेत्र का रोजहा पाठ, बीछी पतेर, टीकट कला, मवई, डढिय़ा, गांधी ग्राम, पडऱा का कुछ क्षेत्र, बरिगवां, मधुरी, बघेड़ा आदि शामिल हंै।
फैक्ट फाइल
जिले में ग्रामों की संख्या- 1025
कुल स्थापित हैंडपंप- 21,610
चिन्हित समस्याग्रस्त गांव- 147
चिन्हित ग्रामों में स्थापित हैंडपंप- 3675
प्रस्तावित नवीन नलकूप खनन- 120
प्रस्तावित नवीन ङ्क्षसगल फेस
पॉवर पंप- 50
प्रस्तावित राइजर पाइप
बढ़ाया जाना- 15,561 मीटर
जल संकट से निपटने की तैयारी पूरी
ग्रीष्मकाल में जल संकट को लेकर जो कार्ययोजन तैयार की गई है, उसमें जिले के 147 गांवों चिन्हित हैं। यदि जल स्तर ज्यादा नीचे गिरा तो इन गांवों में समस्या हो सकती है। ऐसे में जल संकट से निपटने कार्य योजना तैयार कर ली गई है। - टीएस बरकड़े, कार्यपालन यंत्री पीएचई सीधी

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