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शिक्षा विभाग की पहल: 95 सरकारी स्कूलों में शुरू हुई नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 की पढ़ाई

सरकारी स्कूल में बच्चों को शुरुआत से जोडऩे की योजना सीधी. राज्य शिक्षा केंद्र ने इस साल भी जिले के 95 सरकारी स्कूलों में नर्सरी, केजी-1 व केजी-2 की कक्षाएं शुरू की हंै। इसी सत्र से बच्चों के एडमिशन होंगे। योजना के तहत ज्यादातर स्कूल ग्रामीण अंचल में चिह्नित किए गए हैं। दरअसल अभिभावक बच्चों […]

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सरकारी स्कूलों में शुरू हुई नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 की पढ़ाई

सरकारी स्कूलों में शुरू हुई नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 की पढ़ाई

सरकारी स्कूल में बच्चों को शुरुआत से जोडऩे की योजना

सीधी. राज्य शिक्षा केंद्र ने इस साल भी जिले के 95 सरकारी स्कूलों में नर्सरी, केजी-1 व केजी-2 की कक्षाएं शुरू की हंै। इसी सत्र से बच्चों के एडमिशन होंगे। योजना के तहत ज्यादातर स्कूल ग्रामीण अंचल में चिह्नित किए गए हैं। दरअसल अभिभावक बच्चों को निजी स्कूल की नर्सरी कक्षा में एडमिशन दिला देते हैं। इसके बाद कक्षा 1 में आते-आते अभिभावक अपने बच्चों का नाम निजी स्कूलों से कटवाकर सरकारी स्कूल में लिखवाने को तैयार नहीं होते हैं। इस कारण सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या कम हो रही है। ऐसे में राज्य शिक्षा केंद्र ने अब निजी स्कूलों की तर्ज पर ही सरकारी स्कूलों में भी नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 कक्षाएं शुरु की है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर को पत्र भेजकर सूची में दिए गए स्कूलों में की ये कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए थे।
बच्चों की गतिविधियों का लेख होगा
चयनित स्कूलों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नर्सरी और केजी-1, केजी-2 के लिए अलग से कक्षाएं होंगी। उन कक्षाओं में चित्रकारी सहित बच्चों की गतिविधियों का लेख होगा। इनके लिए अलग से शिक्षक लगाए जाएंगे। कक्षों में बच्चों के लिए रैंप, शौचालय आदि की व्यवस्थाएं भी बेहतर होंगी। शासन के जो दिशा-निर्देश मिले हैं, उनका पालन किया जाएगा। उक्त चयनित स्कूलों के अभी कोई ऊपर से बजट नहीं आया है, लेकिन अभी जो संसाधान अभी उन्हीं से संचालन होगा। सत्र शुरु होने तक बजट मिलने की संभावना है, इससे और विस्तार किया जाएगा।
अधिक से अधिक बच्चों को जोड़ेंगे
स्कूल शिक्षा विभाग का प्लान है कि सरकारी स्कूलों से अधिक से अधिक बच्चों को जोड़ा जाए। ऐसे में नर्सरी के बच्चों को स्कूल लाया जाएगा तो वह आगे की कक्षा में भी सरकारी स्कूलों में ही पढ़ेंगे। नर्सरी में पढऩे वाले बच्चे अक्षर ज्ञान हासिल करेंगे। पहली कक्षा तक आते-आते दो-तीन अक्षर वाले शब्द लिखने और पहचानने लगेंगे। ऐसे में बच्चों को आगे की शिक्षा की राह आसान होगी।
17 स्कूलों में नहीं मिले बच्चे
गत वर्ष भी 112 स्कूलों का केजी-1 व केजी-2 की कक्षा संचालित करने के लिए चयन किया गया था, ङ्क्षकतु 17 ऐसे स्कूल थे, जहां एक ही परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित थे, जिससे पात्र छात्रों की मैङ्क्षपग आंगनबाड़ी केंद्र में थी, जबकि दो जगह मैङ्क्षपग नहीं हो सकती है, ऐसे में इस वर्ष उन विद्यालयों को छोड$कर 95 विद्यालयों के शिक्षकों को कक्षा संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
जिले के सातों ब्लॉकों में प्रक्रिया शुरू है
पिछले सत्र से ही प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 कक्षाएं शुरू की है। इस सत्र में ९5 स्कूलों में कक्षाएं संचालित हो रही है। जिले के सातों ब्लॉकों में ये प्रक्रिया अप्रेल माह से चालू हुई है। इनमें ग्रामीण व कुछ शहरी इलाके में हैं।
विभात कुमार ङ्क्षसह, एपीसी, जिला शिक्षा केंद्र सीधी

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