
शाहजहांपुर को पहली बार नगर निगम का दर्जा मिला है।
UP Nikay Chunav: शाहजहांपुर को पहली बार नगर पालिका से नगर निगम बनाया गया है। 13 मई को शाहजहांपुर के इतिहास में पहली महिला मेयर का नाम दर्ज हो जाएगा। यह सीट महिला ओबीसी के लिए आरक्षित हैं। सभी दल अपने प्रत्याशी को जितानें में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इसी शहर से प्रदेश सरकार के तीन मंत्री आते हैं। ऐसे में यह मेयर सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है।
नगर निगम बनने से पहले नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा है। यह सीट अब तक बार 31 नगर पालिका अध्यक्ष दे चुकी है। पहली बार होने जा रहे महापौर के चुनाव में सभी दल पूरी मजबूती से लड़ने का दावा कर रहे हैं। बीजेपी ने अर्चना वर्मा और सपा ने माला राठौर को प्रत्याशी बनाया है। वहीं बसपा और कांग्रेस से मुस्लिम प्रत्याशी उतारने के बाद सपा की चिंता बढ़ा दी है।
नगर निगम में होंगे 60 वार्ड
साल 2002 से 2017 तक सपा के तनवीर खां लगातार तीन बार चेयरमैन रहे। 2017 के चुनाव में महिला सीट होने पर तनवीर खां की मां जहांआरा ने भाजपा प्रत्याशी नीलम प्रसाद को हराकर सीट पर सपा का कब्जा बरकरार रखा। साल 2018 में नगर पालिका परिषद को भंग करके नगर निगम बना दिया गया। नगर पालिका में जहां 44 वार्ड थे, वहीं अब नगर निगम में 60 वार्ड हो चुके हैं।
मुस्लिम वोटों पर नजर
नगर निगम में करीब 40 प्रतिशत मुस्लिम वोटर हैं। इसी के चलते कांग्रेस और बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी को वरीयता दी है। इसकी वजह से सपा को मुस्लिम वोटों के बंटने का डर है। सपा की बैठकों में भी कार्यकर्ताओं से मुस्लिम वोट न बंटने देने के लिए घर-घर जाने की अपील की जा रही है।
नगर पालिका का इतिहास
शाहजहांपुर नगर पालिका का इतिहास 1916 से शुरू होता है। तब से 2017 तक 31 पालिकाध्यक्ष बने। बीच में नौ बार सुपरसेशन पीरियड रहा। फजलुर्रहमान उर्फ छोटे खां चार बार चेयरमैन रहे। वह आजादी से पहले और आजादी के बाद भी चेयरमैन रहे। वह 1927 में पहली बार और 1953 में आखिरी बार नगर पालिकाध्यक्ष बने। नगर पालिका की अंतिम अध्यक्ष जहांआरा रहीं। वह 2017 में अध्यक्ष बनीं और फिर कुछ समय बाद ही नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा मिल गई।
Published on:
01 May 2023 01:14 pm

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