
nagar parishad sawai madhopur
सवाईमाधोपुर . यहां नगर परिषद में फर्जी दस्तावेज तैयार कर पुरानी तारीखों में 90 ए कराकर करोड़ों के राजस्व की चपत लगाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में नगर परिषद आयुक्त रविन्द्र सिंह ने जांच के बाद मानटाउन थाने में रिपोर्ट दी है। इसमें नगर परिषद के कुछ कार्मिकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई गई है। गौरतलब है कि इस संबंध में जिला सतर्कता समिति के समक्ष के एक परिवाद मिला था। इसमें 90 ए में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया था। जिला कलक्टर ने उपखण्ड अधिकारी को जांच कराने के निर्देश दिए थे। इस पर उपखण्ड अधिकारी ने नगर परिषद आयुक्त से इसकी जांच कराई थी। जांच में गड़बड़ी का संदेह जताते हुए मानटाउन थाने रिपोर्ट दी है। एसडीएम को भी भेजी गई है।
भूमि शाखा प्रभारी ने कहा रिकॉर्ड नहीं सौंपा
आयुक्त ने बताया कि इस संबंध में नगर परिषद के संबंधित शाखा प्रभारी लक्ष्मीकांत शर्मा ने उक्त मूल पत्रावली मांगी गई तो उन्होंने 11 अक्टूबर 2019 को प्रस्तुत की गई। लक्ष्मीकांत ने ये भी बताया कि 90 एक की मूल पत्रावलियां मुझे नहीं दी गई थी। ये पत्रावली परिषद के अन्य कार्मिक हंसराज बैरवा के पास थींं। दिनांक 9 अक्टूबर 2019 को मूल पत्रावलियां उनको सौंपी गई।
इन खसरा नम्बरों पर हुई हेरफेर
आयुक्त ने रिपोर्ट में बताया गया कि 90 ए के लिए दर्ज प्रकरण संख्या 85/16.1.2014 दिनांक 3001.2014 प्रशासन शहरों के संग 2012 के तहत खसरा नम्बर 2751 रकबा0.64 हैक्टेयर खसरा न.2753 रकबा1.16 हैक्टेयर खसरा न 2703 रकबा 0.55 हैक्टेयर 90 ए की कार्रवाई प्रस्तावित की गई थी। 17.1. 2014 को इन खसरा नम्बरों के साथ अन्य खसरा नम्बरों के भू उपयोग परिवर्तन की सूचना कुछ समाचार पत्रों में जारी की गई थी।
इसके पश्चात खसरा नम्बर 2703, 2751, 2753 के लिए 90 एक के तहत कृषि भूमि का गैर कृषि प्रयोजन के लिए परिवर्तन के आदेश पत्रांक 8159-60 दिनांक 30.1.2014 के द्वारा आदेश जारी किए गए थे। इसके पश्चात एक संशोधित आदेश लिखकर जिसमें खसरा नम्बर 2703 रकबा 0.55 है, भूमि के स्थान पर खसरा नम्बर 2703/1अंकित कार्यालय के पत्रांक 988-990 दिनांक 20.2.2014 जारी किए गए थे।
इसके पश्चात पत्रावली में एक अन्य आदेशिका में राजस्व ग्राम आलनपुर के खसरा नम्बर 1024, 3360/1021, 2472, 3308/2472, 1318, 1340, 1342, 1360,1336, 1337, 1341 राजस्व ग्राम जीनापुर के खसरा नम्बर 2325 एवं राजस्व ग्राम जटवाड़ा खुर्द के खसरा नम्बर 483, 159/1,159/2, 360, 333, 334, 344, 345, 347 एवं राजस्व ग्राम खैरदा के खसरा नम्बर 27,29,39,11,12 अंकित कर क्रमांक 1189 दिनांक 6.2.2014 अंकित कर इन खसरों के 90 ए के आदेश जारी किए थे। आदेशिका पर ये भी अंकित किया गया है कि पत्रांक 1485-1488 दिनांक 30.1.2014 के द्वारा आपत्ति सूचना जारी करना एवं आपत्ति प्राप्त नहीं होना बताया गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि इन खसरा नम्बरों की 90 ए में गड़बड़ी हुई है।
दस दिन पहले ही मिला रिकॉर्ड
लक्ष्मीकांत ने आयुक्त को बताया कि नगरीय क्षेत्रों में गैर कृषि प्रयोजनों के लिए कृषि भूमि के उपयोग की अनुज्ञा के लिए आवेदनों का संधारित रजिस्टर, ले आउट प्लान के रजिस्टर, भू उपयोग परिवर्तन के रजिस्टर, नगर विकास न्यास के पत्रांक 475 दिनांक 4.6.19 के द्वारा नगर परिषद को प्राप्त हुए थे। जिसकी प्राप्ति रसीद पर लक्ष्मीकांत के हस्ताक्षर थे, लेकिन 90 ए के अन्य रिकॉर्ड के साथ ये रिकॉर्ड भी हंसराज बैरवा के पास ही रखा था। दिनांक 11.10.2019 से दस दिन पहले ही बैरवा ने लक्ष्मीकांत को ये रिकॉर्ड दिया था।
रजिस्टर में कांटछांट
रिपोर्ट में बताया गया कि नगरीय क्षेत्रों में गैर कृषि प्रयोजनों के लिए कृषि भूमि के उपयोग की अनुज्ञा के लिए आवेदनों का रजिस्टर संधारित किया गया है। उस रजिस्टर में प्रकरण नम्बर 85 पर खसरा नम्बर 2703, 2751, 2757 राजस्व ग्राम आलनपुर किया गया है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बाद में अन्य कलम की स्याही से उसमें हेरफेर कर उपरोक्त खसरा नम्बरों को अंकित किया गया है।
Updated on:
15 Oct 2019 05:50 pm
Published on:
15 Oct 2019 12:26 pm

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