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मासूम से कुकर्म मामले में दोषी को अदालत ने सुनाई दस साल की सजा

टॉफी दिलाने और खिलाने के बहाने बालक को जंगल में ले जाकर किया था कुकर्म। आरोप साबित होने पर आठ साल बाद मिली सजा। पीड़ित के परिवार वालों ने कहा कि अब उन्हे आई राहत की सांस।

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प्रतीकात्मक फोटो

सहारनपुर की एक अदालत ने नाबालिग से कुकर्म करने वाले युवक को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई है। यह फैंसला पोक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने सुनाया है। न्यायाधीश कल्पना पांडेय की अदालत ने कारावास की सजा सुनाते हुए दस हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।


आठ साल पहले हुई थी घटना
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मेघराज सैनी के अनुसार यह घटना कोतवाली देहात क्षेत्र की है। 4 जुलाई 2015 को कोतवाली पहुंचे एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसने पुलिस को बताया कि गांव माजरी निवासी उसका रिश्तेदार सुबह 10 बजे उसके घर पर आया। सुबह करीब 10 बजे वही रिश्तेदार उनके तीन साल के बेटे को गोद में लेकर खिलाने के बहाने खेत पर ले गया। वहां बच्चे के साथ कुकर्म किया। इस दौरान बच्चा बेहोश हो गया। बेहोशी की हालत में आरोपी बच्चे को घर लाया और बोला कि वो सो गया है। इस तरह उसे बेहोशी की हालत में सोया हुआ बताकर चला गया। बाद में पता चला कि बच्चे के साथ कुकर्म किया गया है।

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पुलिस ने लगाई चार्जशीट
इस मामले में FIR दर्ज करने के बाद पुलिस ने चार्जशीट अदालत में दाखिल की। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-14 की कोर्ट में चल रही थी। पत्रावली पर आए साक्ष्य और गवाहों की गवाही के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। दरिंदगी साबित होने पर अब अदालत ने इसे दस साल कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के इस निर्णय के बाद पीड़ित बालक के परिवार वालों ने राहत की सांस ली है।