रद्द करनी पड़ी बैठक, एजेंडा में कई प्रस्ताव ऐसे किए शामिल जो नहीं हैं जरूरी, नहीं बना पा रहा आपसी समन्वय
बीना. नगर पालिका में पीआइसी की बैठक का आयोजन गुरुवार को होना था, जिसके एजेंडा में 48 प्रस्ताव शामिल थे, लेकिन एजेंडा में पार्षदों के प्रस्ताव शामिल न होने के कारण उपाध्यक्ष, सभापतियों ने नाराजगी जताई और बैठक में शामिल नहीं हुए।
जानकारी के अनुसार बैठक में शामिल होने के लिए पांच सभापति पहुंचे थे, जो बैठक के पहले अध्यक्ष के केबिन में बैठे थे। इसी दौरान उपाध्यक्ष रमाकांत बिलगैंया भी वहां पहुंचे और उन्होंने एजेंडा में उनके प्रस्ताव शामिल न करने की बात सीएमओ से पूछी, लेकिन वह सही जवाब नहीं दे सके। इसके बाद एजेंडा में प्रस्ताव शामिल न करने पर कुछ सभापतियों ने भी आपत्ति उठाई। उपाध्यक्ष और सीएमओ के बीच इसी बात को लेकर बहस भी हुई। इसके बाद नपाध्यक्ष लता सकवार ने वहां मौजूद सभी सभापतियों से बैठक में शामिल होने के लिए सभाकक्ष में चलने के लिए कहा, लेकिन उनके साथ सिर्फ एक ही सभापति पहुंचे और शेष वापस लौट गए, जिससे कोरम पूरा नहीं हुआ और बैठक को रद्द करना पड़ा। उपाध्यक्ष ने बताया कि एजेंडा में सभी वार्डों के विकास के प्रस्ताव शामिल होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। मनमर्जी से एजेंडा तैयार कर लिया जाता है। एजेंडा में कुछ ऐसे प्रस्ताव भी शामिल हैं, जिनकी जरूरत नहीं है। इस संबंध में नपाध्यक्ष से संपर्क करना चाहा तो उनका मोबाइल बंद था।
इन प्रस्तावों पर होनी थी चर्चा
एजेंडा में बजट पर चर्चा होनी था। इसके अलावा जलप्रदाय शाखा सामग्री, एलम, ब्लीचिंग पाउडर, चूना, क्लोरीन, बिजली सामग्री, एलइडी लाइट खरीदी करने, होर्डिंग की दरें, सेल्फी पाइंट का री-टेंडर करने, शहर में टॉयलेट लगाने, शहर में वॉटर कूलर लगाने, आउट सोर्स टेंडर सहित सड़क, नाली निर्माण के कुल 48 प्रस्ताव शामिल थे।
कोरम नहीं हुआ पूरा
कोरम पूरा न होने से बैठक आगे बढ़ा दी गई है। एजेंडा में प्रस्ताव को लेकर कोई बात नहीं हुई है। सभापति बैठक में शामिल नहीं हुए थे, इसलिए रद्द करनी पड़ी।
आरपी जगनेरिया, सीएमओ, बीना