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अभिभावक बोले, पुस्तक नहीं कॉपी-पेन का है यह मेला, नहीं मिल रही कोई रियायत

मेले के दूसरे दिन भी अभिभावकों ने जताई नाराजगी, कलेक्टर को किया ट्वीट सागर. 1 अप्रेल से नया सत्र शुरू हो रहा है। जिला प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों को खुले बाजार में स्वतंत्र रूप से कॉपी, किताबें, ड्रेस और जूते खरीदने की सुविधा देने के लिए तीन दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन किया। मेले […]

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सागर

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Reshu Jain

Apr 01, 2025

मेले के दूसरे दिन भी अभिभावकों ने जताई नाराजगी, कलेक्टर को किया ट्वीट

सागर. 1 अप्रेल से नया सत्र शुरू हो रहा है। जिला प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों को खुले बाजार में स्वतंत्र रूप से कॉपी, किताबें, ड्रेस और जूते खरीदने की सुविधा देने के लिए तीन दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन किया। मेले के दूसरे दिन रविवार को स्वीडिश मिशन स्कूल में बड़ी संख्या में अभिभावक पहुंचे, लेकिन केवल कॉपी-पेन लेकर ही वापस लौटना पड़ा। अभिभावकों के लिए पुस्तकों पर दुकान पर ही मिल रही केवल 5 फीसदी ही छूट मेले में दी गई। वहीं कॉपी पर कई काउंडर पर अलग-अलग ऑफर दिए गए। 20 से 50 प्रतिशत तक कॉपी पर मिल रहे डिस्काउंट वजह से कॉपी-पेन लेकर ही अभिभावक वापस लौट गए।

कलेक्टर को ट्वीट करके बताई मेले की हकीकत
मेले के दूसरे दिन पुस्तक लेने वाले अभिभावक नाराज दिखे। अभिभावकों का कहना था कि मेले में फिस्क काउंटर पर ही किताबें मिल रही हैं। अभिभावक को विश्वास केसरवानी ने मेला परिसर से कलेक्टर को ट्वीट किया। ट्वीट में लिखा की वात्सल्य स्कूल का चौथी क्लास का पुस्तक का सेट 4164 रुपए एमआरपी रेट पर ही दिया जा रहा है। मेले में किसी भी तरह का फायदा नहीं मिल रहा है।

नहीं टूट रही निजी स्कूलों मोनोपॉली
सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल की किताब लेने पहुंचे डॉ. दिवाकर मिश्रा ने बताया कि निजी स्कूल मोनोपॉली नहीं टूट रही है। उन्होंने बताया कि किताबें मिली ही नहीं। डॉ. मिश्रा ने बताया कि केवल कॉपी-पेन ही मेले से लेकर लौट रही है। प्रशासन को सभी काउंटर पर सभी स्कूलों की पुस्तक उपलब्ध करानी चाहिए।