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इलाज के अभाव में तड़प-तड़पकर चली गई बच्ची की जान

अस्पताल में नहीं मिला कोई भी डॉक्टर

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सागर

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Anuj Hazari

Sep 08, 2020

Girl's life was tortured due to lack of treatment

Girl's life was tortured due to lack of treatment

बीना. सिविल अस्पताल में एक बार फिर डॉक्टर की लापरवाही से एक मासूम बच्ची की जान चली गई, जिसे समय रहते इलाज नहीं मिल पाया और उसने तड़प-तड़पकर प्राण त्याग दिए। गौरतलब है कि सोमवार की रात करीब 8.15 बजे शब्दा पाली निवासी मुस्कान पति अशोक कुशवाहा अपनी 14 माह की बच्ची गौरी की तबियत खराब होने के कारण उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल लेकर आई थी, जहां पर डॉक्टर नहीं मिलने के कारण उसे इलाज नहीं मिल सका जिसके कारण उसकी मौत हो गई। दरअसल महिला शब्दा पाली गांव से अपने भाई के साथ बच्ची को लेकर गांधी तिराहा तक पहुंची जहां पर वह डायल 100 में ड्यूटी पर मौजूद आरक्षक कुंवर सिंह से ऑटो से अस्पताल भेजने का आग्रह करने लगी, लेकिन बच्ची की हालत को देखते हुए आरक्षक ने बिना कोई देर किए तुरंत डायल 100 से सिविल अस्पताल पहुंचाया। तब तक बच्ची की सांसे चल रही थी, लेकिन वहां पहुंचने पर कोई भी डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं मिला था। रात आठ बजे से डॉ. प्रतिभा गोयल की ड्यूटी थी जो ड्यूटी पर नहीं पहुंची तो वहीं रात आठ बजे तक डॉ. अविनाश सक्सेना की ड्यूटी थी जो महिला पहुंचने के पहले चले गए थे। डॉक्टर नहीं होने की सूचना अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने बीएमओ के लिए दी, जिन्होंने ऑन कॉल डॉ. वीरेन्द्र ठाकुर को पहुंचाया, लेकिन तब तक बच्ची की सांसे थम चुकी थी। यदि समय रहते बच्ची को इलाज मिला जाता तो निश्चित ही उसकी जान बच जाती।
दोपहर में भी आई थी इलाज कराने
सोमवार दोपहर में भी महिला बच्ची का इलाज कराने के लिए आई थी तब ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बच्ची को खून की कमी बताकर बाहर जाकर इलाज कराने की सलाह दी थी। इस संबंध में महिला का कहना है कि बाहर ले जाने के लिए रुपयों का इंतजाम नहीं हो सका था, इसलिए वह बाहर नहीं ले जा सकी, लेकिन सवाल यह उठता है कि जब बच्ची को खून की कमी थी तो उसे अस्पताल में ही इसकी व्यवस्था क्यों नहीं की गई। जिस बजह से वह मौत के मुंह में चली गई।
बच्ची के बोलने के लिए करती रही जतन
डॉक्टर के मृत घोषित करने के बाद भी महिला को यह विश्वास नहीं हो रहा था कि उसकी बच्ची अब इस दुनियां में नहीं है। मृत होने के बाद भी महिला बच्ची को कुछ बोलने के लिए गिड़गिड़ती रही थी।
दोनों डॉक्टर को देंगे कारण बताओ नोटिस
डॉ. प्रतिभा गोयल ड्यूटी पर बिना बताए नहीं आईं। 8 बजे तक डॉ. अविनाश सक्सेना थे वह चले गए थे, लेकिन जब तक रिलीवर डॉक्टर न आए तब तक नहीं जाना चाहिए। बच्चा मृत आया था जिसका पीएम कराया गया। सोमवार सुबह मां बच्ची को दिखाने आई थी बच्ची में 5.8 ग्राम खून था और भर्ती करने कहा था, लेकिन वह घर चली गई। दोनों डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस दिया जा रहा है।
डॉ. संजीव अग्रवाल, बीएमओ