सागर

बिना डॉक्टर की पर्ची के लगा दिया ब्लोअर, मासूम की गई जान, राज्य के नामी अस्पताल में बड़ी लापरवाही का मामला

child died due to the negligence: मध्य प्रदेश के सागर में स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (Bundelkhand Medical College) के कर्मचारियों की लापरवाही से एक 14 माह की मासूम की जान चली गई। बच्ची के परिजन ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

2 min read
Mar 29, 2025

child died due to the negligence: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के पीआइसीयू में मासूम की मौत के मामले में पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को न्यायिक दल ने अपनी जांच रिपोर्ट कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र रावत को सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 23 मार्च की घटना के दिन ड्यूटी पर तैनात 2 डॉक्टर, 2 नर्स और 1 वार्ड बॉय ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया।

ब्लोअर हीटर को लेकर सवाल, डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर आरोप

रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि घटना के समय ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने ब्लोअर हीटर (blower heater) लगाने के संबंध में कोई निर्देश नहीं दिए। न तो किसी ने हीटर लगाने की बात कही और न ही डॉक्टर ने पर्चे में इसका उल्लेख किया। यदि नर्स ने ब्लोअर लगाया भी था, तो वह वार्ड से क्यों गायब हो गईं? पीआइसीयू के नियमों के अनुसार, वहां एक सिस्टर और डॉक्टर का हमेशा मौजूद होना जरूरी है। इमरजेंसी की स्थिति में डॉक्टर के बाहर जाने पर भी नर्स का वहां होना अनिवार्य था। घटना के वक्त कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। अगर परिजन ने हीटर को मरीज के पास रखा था, तो देखरेख की जिम्मेदारी नर्सिंग स्टाफ की थी।

वायरल पत्र में परिजनों पर लगाए आरोप, डॉक्टरों ने पल्ला झाड़ा

सोशल मीडिया पर वायरल एक पत्र में गोपालगंज थाना पुलिस के नाम से शिशु रोग विभाग के 6 रेजिडेंट डॉक्टरों के हस्ताक्षर हैं। इसमें दावा किया गया है कि 14 माह की मासूम को हाइपोथर्मिया से बचाने के लिए डॉक्टर ने सुरक्षित दूरी पर ब्लोअर लगाया था। लेकिन बाद में परिजनों ने हीटर को बच्ची के पास रख दिया। पत्र में परिजनों पर लैंगिक पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया। हालांकि, जिन कर्मचारियों के नाम से पत्र वायरल हुआ है, उन्होंने पत्र लिखने से इंकार किया है। बीएमसी डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने इसे असामाजिक तत्वों की हरकत बताया है।

तीन सदस्यीय समिति कर रही है जांच

अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति को बीएमसी प्रबंधन ने शुक्रवार को पीआइसीयू कक्ष के वीडियो, बच्ची के भर्ती होने से लेकर मौत के दिन तक के सभी इलाज की पर्चियां और दस्तावेज सौंपे। जांच समिति में स्वास्थ्य विभाग की क्षेत्रीय संचालक डॉ. ज्योति चौहान और बीएमसी के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अभय तिर्की सदस्य के रूप में शामिल हैं। समिति मामले की सच्चाई की ओर बढ़ रही है।

मौत का कारण पीएम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा

फिलहाल, मासूम की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वहीं, सोशल मीडिया में वायरल पत्र को लेकर भी जांच जारी है। बीएमसी प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जल्द ही तथ्य सामने आएंगे।

Published on:
29 Mar 2025 03:17 pm
Also Read
View All

अगली खबर