
Vision Department at Sanjay Gandhi Hospital
रीवा. संजय गांधी अस्पताल में नेत्र विभाग की व्यवस्था जूनियर डॉक्टरों के भरोसे चल रही है। कोरोना काल के दौरान नेत्र विभाग के कन्सलटेन्ट कुर्सी खाली रहती है। सीनियर चिकित्सकों की अनदेखी के चलते नेत्र रोगियों के इलाज की जिम्मेदारी जूनियर डॉक्टर संभाल रहे थे। इस दौरान नेत्र रोगियों को फजीहत हो रही है। कई सीनियर चिकत्सक जूडॉ के काल पर पहुंच रहे हैं।
काल पर भी समय से नहीं आ रहे कन्सेल्टेन्ट
दोपहर 12.10 बजे नेत्र विभाग के कन्सलटेन्ट की कुर्सी खाली रही। इस दौरान परीक्षण कक्ष के सामने स्ट्रेचर पर मरीज दर्द से करा रहा था। स्टे्रचर पर एक युवक हाथ में बाटल लिए खड़ा रहा। पूछने पर परिजनों ने बताया कि बाइक से दुर्घटनाग्रस्त के कारण युवक की आंख में गंभीर चोटें आई हैं। नईगढ़ी निवासी घायल युवक के पिता से गार्ड ने पूछा तो उन्होंने जवाब दिया कि डेढ़ घंटे से यहां पर खड़े हैं। कई बार नेत्र विभाग के चिकित्सकों से संपर्क किया। लेकिन, जवाब मिला कि अभी सीनियर डॉक्टर नहीं आए हैं। काल किया गया गया है। इंतजार करिए। इस दौरान परीक्षण कक्ष में आधा दर्जन मरीज थे। जिनको जूनियर डॉक्टर अटेंड कर रहे थे। इस बीच कई अन्य जूनियर आंख का पवार परख रहे थे। ये कहानी अकेले एक दिन की नहीं बल्कि आए दिन बनी रहती है। ज्यादातर कन्सलटेन्ट काल पर ही आते हैं।
नेत्र विभाग में अव्यवस्था, परेशान रहे मरीज
कोरोना काल में नेत्र विभाग में अव्यवस्था के चलते मरीज परेशान रहे। यहां पर कोरोना गाइड लाइन पर प्रबंधन की अनदेखी के कारण लापरवाही भारी रही। आंख परीक्षण कक्ष से लेकर कक्ष के बार मरीजों की कतार लगी रही। सुरक्षा व्यवस्था भी भगवान भरोसे रही। मरीज डॉक्टारों को दिखाने के लिए कक्ष के बाहर परेशान रहे।
सुरक्षा व्यवस्था भी भगवान भरोसे
अस्पताल में गार्ड लगाए गए हैं। लेकिन, ओपीडी में कक्ष के बार पर्चा लेकर खड़े मरीजों से बाहर से आने वाले व्यक्ति भी पूछताक्ष करने लगते हैं। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा पर भी संकट हो सकता है। बताया गया कि नेत्र रोग विभाग में बाहर से आने वाले मरीजों को निजी अस्पताल में ले जाने के लिए ओपीडी कक्ष तक बाहर एजेंट सक्रिय रहते हैं। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था भी भगवान के भरोसे है।
ओपीडी के मुख्य गेट तक वाहनों की कतार, तमाशबीन सुरक्षाकर्मी
संजय गांधी अस्पताल में ओपीडी में पर्चा काउंटर के बाहर मुख्य गेट पर वाहनों की लंबी कतार रहती है। जिससे मरीजों को बाहर निकलने और भीतर प्रवेश होने में दिक्कत होती है। मंगलवार दोपहर मुख्य गेट पर एक टैक्सी चालक जबरिया गेट पर टैक्सी खड़ी कर बैठा रहा। इस बीच कुछ मरीज बाहर निकल रहे थे। मरीजों ने कहा टैक्सी बाहर कर लीजिए, इस पर टैक्सी चालक मरीज पर भडक़ गया। बाद में बीच बचाव पर शंात हुआ। यहां पर गार्ड भी तमाशबीन बने रहते हैं।
Published on:
21 Oct 2020 07:38 am
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